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नई दिल्ली ,डिजिटल डेस्क : अमेरिका और ईरान के बीच लगातार 10वें दिन भीषण घमासान ने चौतरफा तनाव बढ़ा दिया। अमेरिका ने ईरान के नौ शहरों पर हवाई हमले किए, तो जवाब में ईरान ने बहरीन, कुवैत और जार्डन में कुल 11 अमेरिकी सैन्य अड्डों को निशाना बनाते हुए मिसाइलों और ड्रोन हमलों की बौछार कर दी।

इसके अलावा होर्मुज स्ट्रेट में भी एक टैंकर पर हमला बोला गया। ईरान ने कुवैत पर बेरहमी दिखाते हुए लगातार चौथे दिन बिजलीघरों और जल शोधन संयंत्रों (डीसैलिनेशन प्लांट) पर हमले किए, जिससे वहां जोरदार धमाकों के साथ आग लग गई और मौजूद कर्मी घायल हो गए।

बता दें कि कुवैत की 90 प्रतिशत आबादी पीने के पानी के लिए डीसैलिनेशन प्लांट पर निर्भर है। ईरान समर्थित हाउती विद्रोहियों ने स्वेज नहर से बाब अल मंदेब की तरफ बढ़ रहे सऊदी अरब के दो टैंकरों को चेतावनी देकर यू-टर्न लेने पर मजबूर कर दिया।

ये टैंकर भारत और चीन जा रहे थे। तनाव बढ़ने की आशंका के मद्देनजर कच्चे तेल की कीमत एक प्रतिशत बढ़कर 90 डालर प्रति बैरल पार कर गई।

अमेरिका ने ईरान के नौ शहरों पर हवाई हमले किए

एपी के अनुसार, लगातार 10 दिनों से अमेरिकी हमला झेलने के बावजूद कहीं से ये संकेत नहीं मिल रहे कि होर्मुज स्ट्रेट पर ईरान की पकड़ ढीली हुई हो। ब्रिटिश सेना के समुद्री व्यापार संगठन यूकेएमटीओ के अनुसार मंगलवार को होर्मुज स्ट्रेट में ओमान के समुद्री क्षेत्र में ईरानी हमले में एक टैंकर निष्क्रिय हो गया।

चालक दल को जहाज से सुरक्षित निकाला गया। केप्लर के आंकड़ों के अनुसार, होर्मुज से सोमवार को कुल चार जहाज निकल सके, जो ईरान के अधिकृत उत्तरी छोर की तरफ से आगे बढ़े। रविवार को सात जहाज निकले थे।

रायटर के अनुसार, अमेरिकी सेंटकाम ने एक्स पर बताया कि तेल टैंकर को निशाना बनाए जाने के बाद ईरान पर नए सिरे से हमले शुरू किए गए। फार्स, होर्मोज्गान, इलाम, केरमान, सिस्तान और बलूचिस्तान प्रांतों में कुल नौ शहरों पर हमले किए गए।

दक्षिणी ईरान के शिराज, कोनारक और चाबहार और खोर्रमाबाद व अबादान में धमाके सुने गए। हमलों में ईरान के सैन्य कमांड सेंटर, समुद्री क्षमताओं, मिसाइल और ड्रोन लांच साइटों और एयर डिफेंस सिस्टम को निशाना बनाए गए।

हालांकि, ईरान ने कहा कि अमेरिकी सेना ने बिजली संयंत्रों और पानी के संयंत्रों पर हमले किए, जिसके जवाब में कुवैत में ऐसे ही ठिकानों को निशाना बनाया गया।

ईरान ने 11 अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर जवाबी हमले किए

एएनआइ के अनुसार, आइआरजीसी ने एक बयान में बताया कि डारखोविन परमाणु ऊर्जा संयंत्र पर अमेरिकी हमलों के जवाब में बहरीन में अमेरिकी टेक कंपनी एमेजोन के डाटा सेंटर को निशाना बनाया गया। साथ ही शेख ईसा एयर बेस में अमेरिकी सैनिकों के रहने के ठिकानों को निशाना बनाया गया।

जार्डन में अमेरिकी मिसाइल डिफेंस रडार सिस्टम और एफ-15 लड़ाकू विमान को तबाह करने का दावा भी किया गया है। कुवैत के अली अल सलेम एयर बेस पर एमक्यू-9 ड्रोन हैंगर पर हमला कर तमाम ड्रोन नष्ट कर दिए गए।

अमेरिका का कुवैत पर बड़ा हमला

सतह से सतह पर मार करनेवाली मिसाइल के जरिये कुवैत के अरिफजान बेस पर अमेरिकी सेना के हिमार्स मिसाइल सिस्टम को भी निष्क्रिय कर दिया गया। जार्डन ने बताया कि ईरान के पांच ड्रोन हमलों को विफल कर दिया गया।

न्यूयार्क टाइम्स के अनुसार, पेंटागन ने हालिया ईरानी हमलों में 100 अमेरिकी सैनिकों के घायल होने की पुष्टि की है। वहीं, ईरानी ड्रोन निष्क्रिय करने के दौरान हुए विस्फोट में मारे गए अमेरिकी सैनिक की भी पहचान कर ली गई है।

पश्चिम एशिया में तनाव घटने की कम संभावना पर कनाडाई पेट्रोकेमिकल कंपनी ने इराक में अत्रुश और सारसांग आयल फील्ड में तेल उत्पादन को अस्थायी तौर पर रोक दिया है।

युद्ध या युद्धविराम पर जल्द फैसला संभव

हमलों के बीच तनाव घटाने की भी प्रक्रिया जारी है और दोनों पक्ष 10 दिनों के संघर्षविराम पर सहमत होने के लिए बैकडोर चैनल के जरिये बातचीत कर रहे हैं। एएनआइ ने एक्सियोज मीडिया पोर्टल के हवाले से जानकारी दी कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप दो विकल्पों पर विचार कर रहे हैं।

पहला, कतर, मिस्र, पाकिस्तान और अन्य क्षेत्रीय देशों की ओर से प्रस्तावित 10 दिन के युद्धविराम को समर्थन देना, जिससे होर्मुज जलडमरूमध्य फिर से खोला जा सके और बातचीत का रास्ता बने।

दूसरा, यदि कूटनीतिक प्रयास विफल रहते हैं तो इजरायल के साथ मिलकर नया सैन्य अभियान शुरू करना। एक्सियोस की रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप ने अभी अंतिम फैसला नहीं लिया है।