नई दिल्ली, डिजिटल डेस्क : iran attack on kuwait : इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने घोषणा की कि उसकी एयरोस्पेस सेनाओं ने कुवैत में अल-उदेरी बेस को निशाना बनाते हुए मिसाइल और ड्रोन हमले किए, और इसे ईरान के खिलाफ खतरों से जुड़ा एक ठिकाना बताया। इसके अलावा ईरान ने अमेरिकी एम्फीबियस असॉल्ट शिप LHA-7 को भी निशाना बनाया, जिससे उसे दक्षिणी हिंद महासागर की ओर पीछे हटना पड़ा। यह जानकारी ईरानी सरकारी मीडिया ने दी है। गार्ड्स ने एक कंटेनर शिप को भी निशाना बनाया, जिसके बारे में उन्होंने दावा किया कि वह इजरायल का था और उसका पहचान कोड “SDN7” था। हालांकि, उन्होंने उस शिप की लोकेशन का खुलासा नहीं किया। IRGC ने किया ये दावा बयान के अनुसार, इस हमले में, जो “ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस 4” की 98वीं लहर का हिस्सा था, हेलीकॉप्टर भंडारण क्षेत्रों और अमेरिकी सेनाओं के रहने की सुविधाओं को नष्ट कर दिया गया। IRGC ने यह भी बताया कि बगदाद में कैंप विक्ट्री स्थित कमांड और कंट्रोल सेंटरों को इराकी प्रतिरोधक समूहों द्वारा निशाना बनाया गया। इसके अलावा, उत्तरी इराक में पांच ऐसे स्थानों पर ड्रोन से हमले किए जाने की खबर है, जिन्हें खुफिया जानकारी के आधार पर विपक्षी और उग्रवादी समूहों के ठिकाने के रूप में पहचाना गया था। बयान में आगे जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी गई, जिसमें कहा गया कि हालिया हमलों के लिए जिम्मेदार लोगों को गंभीर परिणामों का सामना करना पड़ेगा। होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने से इनकारइस बीच ईरान ने अस्थायी युद्धविराम के बदले होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने से इनकार कर दिया, जिससे विवाद को खत्म करने के चल रहे कूटनीतिक प्रयासों को एक बड़ा झटका लगा है। Post navigation पुलिस कस्टडी में बाप-बेटे की मौत मामले में 9 पुलिसकर्मियों को मौत की सजा MP : रायसेन कृषि मेले में ड्रोन से लेकर स्मार्ट फार्मिंग तक