काबुल, डिजिटल डेस्क : चौतरफा घिरे और अलग-थलग पड़े इस्लामाबाद को अफगानिस्तान ने करारा जवाब दिया है। अफगानिस्तानी वायुसेना ने पाकिस्तान के भीतर घुसकर बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा प्रांतों में सक्रिय आइसिस के ठिकानों पर सटीक हवाई हमले किए हैं। अफगान रक्षा मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि ये हमले मंगलवार रात पाकिस्तान के बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा प्रांतों में आइसिस के ठिकानों पर किए गए। इन हमलों में आइसिस और उसके समर्थकों को भारी नुकसान पहुंचा और आर्थिक रूप से भी भारी क्षति हुई। पाकिस्तान में कई आतंकी ढेर मंत्रालय ने कहा कि कई आंतकी मारे गए हैं, मगर इनमें कोई नागरिक हताहत नहीं हुआ है। इसने कड़ा रुख अपनाते हुए चेतावनी दी है कि वे अपनी संप्रभुता के लिए हर खतरे को निशाना बनाएंगे। यह जवाबी कार्रवाई पाकिस्तान द्वारा हाल ही में उस हवाई हमले के विरोध में की गई है, जिसके कारण अफगान सीमा पर 36 निर्दोष नागरिकों की जान चली गई थी और 163 अन्य घायल हुए थे। संयुक्त राष्ट्र (अफगानिस्तान में संयुक्त राष्ट्र सहायता मिशन) ने इस पर गहरी चिंता जताई थी। मुत्ताहिदा कौमी मूवमेंट के संस्थापक अल्ताफ हुसैन ने अफगानिस्तान में पाकिस्तान के हवाई हमलों की आलोचना करते हुए कहा कि इससे दोनों पड़ोसी देशों के बीच तनाव और बढ़ सकता है मुत्ताहिदा कौमी मूवमेंट के संस्थापक अल्ताफ हुसैन ने अफगानिस्तान में पाकिस्तान के हवाई हमलों की आलोचना करते हुए कहा कि इससे दोनों पड़ोसी देशों के बीच तनाव और बढ़ सकता है। भारत ने भी पाकिस्तान के इस क्षेत्रीय दुस्साहस की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए इसे क्षेत्रीय शांति के लिए सीधा खतरा बताया है। बहरहाल, अफगानी सेना के विमानों ने बलूचिस्तान के पिशिन जिले के सरनान इलाके में एक ठिकाने को ध्वस्त कर दिया, जो एक स्कूल परिसर से संचालित हो रहा था। इसके अलावा खैबर पख्तूनख्वा के चित्राल और कंबर खेल में भी सैन्य अभियान चलाए गए। तालिबान प्रशासन के अनुसार, इन ठिकानों का इस्तेमाल अफगानिस्तान में अराजकता फैलाने और बेकसूर नागरिकों पर हमलों की साजिश रचने के लिए किया जा रहा था। इस कार्रवाई में कई आतंकी ढेर हो गए हैं। दूसरी ओर, पाकिस्तान ने दावा किया है कि उसने बलूचिस्तान में अफगानिस्तान के चार ड्रोनों को मार गिराया है। पाकिस्तानी अधिकारियों के मुताबिक, सरनान में एक सरकारी स्कूल के पास ड्रोन देखा गया, जिसके हमले में दो लोग घायल हुए हैं। हालांकि अफगानिस्तान के पास आधुनिक फाइटर जेट नहीं हैं, लेकिन उसके पास हेलीकाप्टर और लड़ाकू ड्रोन क्षमताएं हैं, जिनका उसने इस बार प्रभावी ढंग से इस्तेमाल किया है। दोनों देशों के बीच उपजा यह तनाव क्षेत्र में एक नए सैन्य संकट का संकेत दे रहा है। Post navigation भारत-नेपाल सीमा विवाद सुलझाने को तैयार बालेन शाह- नेपाल विदेश मंत्री भोपाल-जेवर हवाई सेवा शुरू, वाटर सैल्यूट से स्वागत