नई दिल्ली, एंटरटेनमेंट डेस्क : स्वतंत्रता दिवस के मौके पर हर नागरिक देशभक्ति के रंग में रंग जाता है, लेकिन हिंदी सिनेमा की सबसे दिग्गज सिंगर लता मंगेशकर के गानों के साथ इस दिन में चार चांद लग जाते हैं। सुर सम्राज्ञी लता मंगेशकर ने अपने पूरे फिल्मी करियर में कई देशभक्ति गीत गाए हैं, जिन्हें सुनकर सिर्फ सुकून ही नहीं मिलता, बल्कि रोंगटे भी खड़े हो जाते हैं। आज हम आपको उनके एक ऐसे गीत के बारे में बताने जा रहे हैं, जहां पंजाब की मिट्टी से लेकर वतन से प्यार को बहुत ही प्यारे तरीके से शब्दों में पिरोया गया है। यह गाना न सिर्फ 15 अगस्त के मौके पर बजता है, बल्कि हर देशवासी का सीना गर्व से चौड़ा हो जाता है। मिट्टी की खुशबू और वतन से प्यार को दर्शाता है लता दीदी का ये गाना 15 अगस्त के खास मौके पर हर साल बजने वाले जिस गाने का जिक्र हम अपने इस लेख में कर रहे हैं, वह 22 साल पहले आई ब्लॉकबस्टर फिल्म में गाया गया था। यह गाना शाह रुख खान और प्रीति जिंटा पर फिल्माया गया था। यह गाना यशराज बैनर तले बनी फिल्म ‘वीर-जारा’ का है, जिसमें शाह रुख खान, प्रीति जिंटा के अलावा रानी मुखर्जी, अमिताभ बच्चन और हेमा मालिनी नजर आए थे। फिल्म का गाना ‘ऐसा देश है मेरा’ उस समय तो पॉपुलर था ही, लेकिन आज 22 साल बाद भी इस गाने के बिना 15 अगस्त अधूरा सा लगता है। गाने को लता मंगेशकर के साथ उदित नारायण ने आवाज दी थी। गाने में एक जगह गुरदास मान भी नजर आए थे। गाने में लेफ्टिनेंट लीडर वीर प्रताप सिंह पड़ोसी मुल्क की जारा की जान बचाने के बाद उसे अपने देश और गांव की खूबसूरत को गीत गाकर सुनाते हैं। गाना सुनते ही आती है चेहरों पर मुस्कान कल्ट क्लासिक फिल्म ‘वीर जारा’ में फिल्माए गए इस गाने को सुनकर हर नागरिक का सीना 22 साल बाद भी गर्व से चौड़ा हो जाता है। फिल्म वीर जारा की बात करें तो यह मूवी साल 2004 में सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी, जिसमें देशप्रेम के साथ-साथ एक दो मुल्कों पाकिस्तान और भारत में रहने वाले प्रेमियों को लव स्टोरी को बड़े पर्दे पर उतारा गया था। फिल्म के लिए शाह रुख खान ने जहां बेस्ट एक्टर का खिताब जीता था, तो वहीं रानी मुखर्जी को बेस्ट सपोर्टिंग रोल के लिए काफी सराहा गया था। मूवी ने ऑफिशियल रिलीज और री-रिलीज के बाद बॉक्स ऑफिस पर कुल 107 करोड़ का बिजनेस किया था। Post navigation अटापट्टू की कप्तानी में उतरेगी श्रीलंका टीम कानपुर कमिश्नरेट: डीसीपी सत्यजीत गुप्ता और दिनेश त्रिपाठी को मिला राष्ट्रपति पदक