नई दिल्ली, एजेंसी : Myanmar news : भारत ने शुक्रवार को म्यांमार में लोकतांत्रिक प्रक्रिया की बहाली और स्वतंत्र, निष्पक्ष तथा समावेशी चुनावों के प्रति अपना समर्थन दोहराया। विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत म्यांमार में शांति, स्थिरता और सामान्य स्थिति की वापसी के पक्ष में है। नई दिल्ली में साप्ताहिक मीडिया ब्रीफिंग के दौरान विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत म्यांमार में लोकतांत्रिक संक्रमण का समर्थन करता है। उन्होंने कहा, “म्यांमार में चुनाव होने जा रहे हैं। हम ऐसे स्वतंत्र, निष्पक्ष और समावेशी चुनावों का समर्थन करते हैं, जिनमें सभी की भागीदारी हो। भारत म्यांमार में शांति, स्थिरता और सामान्य स्थिति की बहाली के पक्ष में खड़ा है।” देश में आम चुनाव का पहला चरण 28 दिसंबर को होगा जब उनसे यह पूछा गया कि क्या भारत म्यांमार में होने वाले चुनावों के लिए पर्यवेक्षक भेजेगा, तो जायसवाल ने कहा कि इस संबंध में फिलहाल उनके पास कोई जानकारी नहीं है और वह बाद में इस पर अपडेट देंगे। गौरतलब है कि अगस्त में म्यांमार के केंद्रीय चुनाव आयोग ने घोषणा की थी कि देश में आम चुनाव का पहला चरण 28 दिसंबर को होगा, जबकि अगले चरणों की तारीखें बाद में घोषित की जाएंगी। यह घोषणा ऐसे समय में हुई, जब जून में म्यांमार के स्टेट सिक्योरिटी एंड पीस कमीशन के अध्यक्ष सीनियर जनरल मिन आंग ह्लाइंग ने कहा था कि देश में चुनाव दिसंबर और अगले वर्ष जनवरी के दौरान कराए जाएंगे। इससे पहले 31 अगस्त को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चीन के तियानजिन में आयोजित शंघाई सहयोग संगठन शिखर सम्मेलन के दौरान म्यांमार के स्टेट सिक्योरिटी एंड पीस कमीशन के अध्यक्ष सीनियर जनरल मिन आंग ह्लाइंग से मुलाकात की थी। इस बैठक में दोनों नेताओं ने भारत-म्यांमार द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा की और व्यापार, विकास साझेदारी, रक्षा एवं सुरक्षा तथा सीमा प्रबंधन सहित कई मुद्दों पर आगे की दिशा पर चर्चा की। प्रधानमंत्री मोदी ने म्यांमार की विकास संबंधी जरूरतों में भारत के समर्थन की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि ‘नेबरहुड फर्स्ट’, ‘एक्ट ईस्ट’ और ‘इंडो-पैसिफिक’ नीतियों के तहत भारत म्यांमार के साथ अपने संबंधों को अहम मानता है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी ने उम्मीद जताई कि म्यांमार में होने वाले आगामी चुनाव निष्पक्ष और समावेशी होंगे तथा सभी हितधारकों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि भारत म्यांमार-नेतृत्व और म्यांमार-स्वामित्व वाली शांति प्रक्रिया का समर्थन करता है, जिसके लिए शांतिपूर्ण संवाद और परामर्श ही एकमात्र रास्ता है। Post navigation Delhi Blast : ED जांच में Al-Falah University पर बड़े खुलासे PAK : TTP बना रहा अपनी सेना-वायुसेना,दोगुनी स्पीड से होंगे हमले