MUMBAI-DOCTOR-COUPLE

मुंबई, डिजिटल डेस्क : नेपाल-तिब्बत बॉर्डर इलाके में अचानक आई बाढ़ के बाद से लापता मुंबई के डॉक्टर और पर्वतारोही मिलिंद चिटले का परिवार हर पल उम्मीद बनाए हुए है और किसी चमत्कार की प्रार्थना कर रहा है, क्योंकि अब भी बचाव अभियान चल रहा है।

डॉ. चिटले और उनकी पत्नी जान्हवी 61 लोगों के उस कैलास मानसरोवर यात्रा दल का नेतृत्व कर रहे थे, जिसमें मुंबई और महाराष्ट्र के दूसरे हिस्सों के लोग शामिल थे।

उनकी बहन मंजिरी ने बताया कि वे तिब्बत बॉर्डर पर एक इमिग्रेशन सेंटर पर थे, तभी अचानक आई बाढ़ में वह इमारत डूब गई और पूरी तरह बह गई।

चमत्कार की उम्मीद करनी होगी- परिवार

उन्होंने दोस्तों के साथ साझा किए गए एक बयान में कहा, “खोज और बचाव अभियान अब भी जारी है, और अब हमें प्रार्थना जारी रखनी होगी और किसी चमत्कार की उम्मीद करनी होगी।”

यह समूह 23 अगस्त को मुंबई से काठमांडू के लिए निकला था और उनसे आखिरी बार 25 अगस्त की शाम को संपर्क हुआ था। 26 अगस्त की सुबह ऊंचाई वाले इलाकों में आई तेज बाढ़ ने इमिग्रेशन से जुड़े अहम इंफ्रास्ट्रक्चर को नष्ट कर दिया। उन्हें छह सितंबर को मुंबई लौटना था।