पेशावर.डिजिटल डेस्क : पाकिस्तान में बढ़ती अराजकता और हिंसा से मौतों में बेतहाशा बढ़ोतरी का अंदाजा इसी बात से लगा सकते हैं कि पड़ोसी इस्लामिक देश में जुलाई से सितंबर के बीच हिंसा से जुड़ी मौतों में 83 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। इसमें बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा देश के सबसे अधिक प्रभावित प्रांत के रूप में उभरे हैं। सेंटर फॉर रिसर्च एंड सिक्योरिटी स्टडीज (सीआरएसएस) ने बताया कि बलूचिस्तान में मौतों की संख्या तीन गुना से अधिक हो गई और इस अशांत प्रांत ने राष्ट्रीय वृद्धि का लगभग 88 प्रतिशत हिस्सा लिया। बलूचिस्तान व खैबर पख्तूनख्वा (केपीके) हिंसा के केंद्र बने रहे, जिन्होंने सभी मौतों का 98 प्रतिशत हिस्सा साझा किया। बलूचिस्तान में 829 मौतें दर्ज की गईं, जो राष्ट्रीय कुल का 59 प्रतिशत है, जबकि केपीके में 556 मौतें हुईं, जो 39 प्रतिशत से अधिक हैं। रिपोर्ट में जुलाई से सितंबर के बीच आतंकी हमलों व आतंकवाद-रोधी अभियानों में 385 घटनाओं में नागरिकों, सुरक्षा कर्मियों और अपराधियों के बीच 1,415 मौतें और 558 घायल होने की जानकारी दी गई है। बलूचिस्तान में 186 हिंसक घटनाएं दर्ज की गईं, जो राष्ट्रीय कुल का 48 प्रतिशत से अधिक है, जबकि केपीके में 173 घटनाएं हुईं, जो लगभग 45 प्रतिशत हैं। Post navigation भारतीय फ़ैशन ब्रांड KGL ने Moscow फ़ैशन वीक में अपनी पहली एंट्री की