नई दिल्ली, डिजिटल डेस्क : पाकिस्तान में हाल ही में आई एक सरकारी रिपोर्ट शिक्षा के क्षेत्र में गंभीर संकट को उजागर करती है। इसमें बताया गया है कि विभिन्न पहलों के बावजूद देश भर में 2.62 करोड़ बच्चों को अब भी स्कूल नसीब नहीं है। संघीय शिक्षा और व्यावसायिक प्रशिक्षण मंत्रालय द्वारा जारी “गर्ल्स एजुकेशन स्टैटिस्टिक्स एंड ट्रेंड्स रिपोर्ट 2023-24” से पता चलता है कि इनमें लड़कियों की संख्या 1.34 करोड़ है, जो वर्तमान में औपचारिक शिक्षा से वंचित हैं। राष्ट्रीय हिस्सेदारी में भी भारी कमी यह आंकड़ा महत्वपूर्ण वित्तीय बाधाओं को भी रेखांकित करता है, जिसमें बताया गया है कि शिक्षा वित्तपोषण में राष्ट्रीय हिस्सेदारी 13 प्रतिशत से घटकर 11 प्रतिशत हो गई है। अधिकांश प्रांतों में बजट आवंटन में कमी देखी गई है, “विशेष रूप से पंजाब और सिंध में, जबकि गुलाम जम्मू कश्मीर में स्थिति स्थिर रही है। “शिक्षा क्षेत्र अब भी व्यवस्थागत समस्याओं से ग्रस्त है, जिनमें से एक यह है कि बजट का 94 प्रतिशत हिस्सा वेतन में ही खर्च हो जाता है, जिससे रखरखाव या नई परियोजनाओं के लिए लगभग कोई संसाधन नहीं बचता। स्कूलों में ही डिजिटल उपकरण की जरूरत इसके अतिरिक्त, केवल 19% स्कूलों में ही डिजिटल उपकरण उपलब्ध हैं। मंत्री खालिद मकबूल सिद्दीकी ने कहा कि भविष्य की नीतियों का आधार सटीक आंकड़े होने चाहिए। उन्होंने कहा कि 14 करोड़ युवाओं की आबादी को देखते हुए सरकार को यह तय करना होगा कि वह इस समूह को बोझ समझे या रणनीतिक संपत्ति। Post navigation राजस्थान में इन तीन शहरों का बदला नाम, मुख्यमंत्री विधानसभा में किया ऐलान तालिबान का कट्टर समर्थक पाक क्यों आज’जंग’ के लिए हुआ मजबूर ?