नई दिल्ली वर्ल्ड डेस्क : रूस ने यूक्रेन की राजधानी कीव पर रातभर बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला किया। वहीं, रूसी सेना ने गुरुवार को दावा किया कि उसने मॉस्को और अन्य रूसी शहरों की ओर दागे गए यूक्रेन के 808 ड्रोन मार गिराए। इन हमलों से रूस-यूक्रेन युद्ध खत्म करने की दिशा में नई बातचीत की उम्मीदों को झटका लगा है। अधिकारियों के अनुसार, यूक्रेन में कम से कम दो लोगों की मौत हुई है और दर्जनों लोग घायल हुए हैं। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने बुधवार को रूस, यूक्रेन और अमेरिका के अधिकारियों के बीच त्रिपक्षीय वार्ता फिर शुरू करने पर सैद्धांतिक सहमति जताई थी। हालांकि, बैठक की तारीख तय नहीं हुई है। पुतिन ने सेंट पीटर्सबर्ग में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ के साथ बातचीत के दौरान यह सहमति दी। विटकॉफ ने इससे एक दिन पहले नॉर्वे में यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की से मुलाकात की थी। दोनों देशों के नेताओं के बीच सीधी बैठक जरूरी – जेलेंस्की इस साल जनवरी और फरवरी में तीनों देशों के प्रतिनिधियों ने संयुक्त अरब अमीरात के अबू धाबी में दो दौर की बातचीत की थी। इसके बाद फरवरी में जिनेवा में भी वार्ता हुई थी। हालांकि, युद्धबंदियों की अदला-बदली के अलावा बातचीत से कोई बड़ी प्रगति सामने नहीं आई। युद्ध रोकने की शर्तों पर रूस और यूक्रेन के बीच अब भी गहरे मतभेद हैं। जेलेंस्की का कहना है कि गतिरोध खत्म करने के लिए दोनों देशों के नेताओं के बीच सीधी बैठक जरूरी है। प्रतिनिधिमंडल स्तर पर तकनीकी बातचीत की संभावना पर उन्होंने कहा कि देखना होगा कि इस बार क्या होता है। यूक्रेन के राष्ट्रपति ने गुरुवार को सोशल मीडिया पर बताया कि रातभर रूस के हवाई हमलों में यूक्रेन के 12 क्षेत्र प्रभावित हुए। इन हमलों में कम से कम दो लोगों की मौत हुई और 34 अन्य घायल हो गए, जिनमें पांच बच्चे शामिल हैं। जेलेंस्की के अनुसार, कीव पर तीन चरणों में 21 बैलिस्टिक मिसाइलें दागी गईं। हमलों में अपार्टमेंट इमारतों, ऊर्जा प्रतिष्ठानों, रेलवे स्टेशन, मेट्रो व्यवस्था, शॉपिंग मॉल और कारोबारी प्रतिष्ठानों को नुकसान पहुंचा। राजधानी में एक व्यक्ति की मौत हुई। यूक्रेन की राज्य आपातकालीन सेवा के मुताबिक, पूर्वी शहर खारकीव और उसके आसपास के इलाकों पर कई हमले हुए, जिनमें एक व्यक्ति की मौत हो गई और कम से कम 13 लोग घायल हुए। रूसी हमलों में तेजी आने से बिजली व्यवस्था को लेकर चिंता यूक्रेन में सर्दियों से पहले रूसी हमलों में तेजी आने से बिजली व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ गई है। यूक्रेन का आरोप है कि रूस बिजली ग्रिड को निशाना बना रहा है, ताकि कड़ाके की ठंड के दौरान आम लोगों को गर्मी, रोशनी और पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं से वंचित किया जा सके। यूक्रेन का कहना है कि रूस सर्दियों में बड़े पैमाने पर हमले करने के लिए बैलिस्टिक मिसाइलों का भंडार तैयार कर रहा है। यूक्रेन में इस रणनीति को ‘सर्दियों को हथियार बनाना’ कहा जा रहा है। जेलेंस्की ने कहा कि ताजा रूसी हमले दिखाते हैं कि मौजूदा घटनाक्रम को लेकर मॉस्को के रवैये में कोई वास्तविक बदलाव नहीं आया है। उन्होंने अमेरिका से पैट्रियट वायु रक्षा प्रणाली के लिए अधिक गोला-बारूद उपलब्ध कराने और रूस पर अतिरिक्त प्रतिबंध लगाने की अपील की है। पैट्रियट प्रणाली बैलिस्टिक मिसाइलों को रोकने में सक्षम है। हालांकि, खबर के अनुसार, ट्रंप ने पुतिन के साथ रूस से डीजल आयात करने के एक समझौते पर सहमति जताई है और मॉस्को पर लगे कड़े प्रतिबंधों में छूट दी है। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि पैट्रियट मिसाइलों का भंडार सीमित है। इस बीच, पुतिन से मुलाकात करने वाले अमेरिकी दूत स्टीव विटकॉफ की यूक्रेन और अमेरिका में आलोचना हुई। उन्होंने यूक्रेन में भाड़े के सैनिक के रूप में लड़ने के आरोप में जेल में बंद एक सेवानिवृत्त अमेरिकी शिक्षक को रिहा करने का आदेश देने के लिए पुतिन की प्रशंसा करते हुए उन्हें ‘मानवतावादी’ बताया था। यूक्रेन के विदेश मंत्री आंद्रिय सिबिहा ने रूसी हमलों को क्रूर बताते हुए कहा कि ये हमले दिखाते हैं कि रूस की कथित मानवीय सोच वास्तव में कैसी है। उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा कि तुष्टीकरण, अधीनता और चापलूसी से यह युद्ध नहीं रुकेगा, बल्कि इसके लिए ताकत जरूरी है। Post navigation टॉम क्रूज को ‘एएफआई लाइफ अचीवमेंट’ पुरस्कार से किया जाएगा सम्मानित MP : दीवाली पर कार्बाइड गन चलाई तो सीधे दर्ज होगी FIR