पटना, ब्यूरो : Samrat Choudhary को बिहार का नया मुख्यमंत्री चुने जाने पर मुहर लग गई है। भाजपा विधान मंडल दल की अहम बैठक में यह फैसला लिया गया। बैठक में वरिष्ठ नेताओं और विधायकों की मौजूदगी रही। सर्वसम्मति से उनके नाम पर सहमति बनने की बात सामने आई है।
इस फैसले के बाद राज्य की राजनीति में नया अध्याय शुरू होने जा रहा है। समर्थकों में उत्साह का माहौल देखा जा रहा है।बिहार में सत्ता परिवर्तन के साथ ही राजनीतिक समीकरण भी बदल गए हैं। Nitish Kumar के इस्तीफे के बाद यह बदलाव संभव हुआ।
भाजपा ने नए नेतृत्व के रूप में सम्राट चौधरी पर भरोसा जताया है। इसे पार्टी की रणनीतिक चाल के रूप में देखा जा रहा है।आगामी चुनावों को ध्यान में रखकर यह निर्णय अहम माना जा रहा है। सियासी हलकों में इसकी व्यापक चर्चा हो रही है।
संगठन और अनुभव बना ताकत
सम्राट चौधरी लंबे समय से भाजपा संगठन से जुड़े रहे हैं। उन्होंने पार्टी में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाई हैं। प्रदेश अध्यक्ष के रूप में भी उनकी भूमिका अहम रही है। सरकार में मंत्री और उपमुख्यमंत्री के तौर पर अनुभव हासिल किया। उनकी प्रशासनिक क्षमता को पार्टी ने प्राथमिकता दी है। यही वजह है कि उन्हें मुख्यमंत्री पद के लिए चुना गया।
कल होगा शपथ ग्रहण
कल शपथ ग्रहण समारोह आयोजित हो सकता है। राजभवन में इसकी तैयारियां शुरू होने की चर्चा है। नई कैबिनेट को लेकर भी मंथन जारी है। कौन-कौन मंत्री बनेगा, इस पर विचार किया जा रहा है। संतुलन साधने की कोशिश पार्टी स्तर पर चल रही है। औपचारिक घोषणा का इंतजार किया जा रहा है।
कार्यकर्ताओं में जश्न का माहौल
सम्राट चौधरी के मुख्यमंत्री बनने की खबर से कार्यकर्ताओं में खुशी है। पार्टी कार्यालयों में जश्न का माहौल देखा जा रहा है।समर्थकों ने मिठाइयां बांटकर खुशी जाहिर की। सोशल मीडिया पर भी बधाइयों का दौर जारी है। इसे भाजपा के लिए बड़ी राजनीतिक उपलब्धि माना जा रहा है। आने वाले दिनों में इसका असर दिखने की उम्मीद है।
आगे की रणनीति पर टिकी नजर
अब सभी की नजर नई सरकार की कार्यशैली पर टिकी है। विकास और सुशासन को लेकर उम्मीदें बढ़ गई हैं। नई सरकार के एजेंडे को लेकर चर्चा तेज है। राज्य में तेजी से फैसले लिए जाने की उम्मीद जताई जा रही है। राजनीतिक विश्लेषक इसे बड़ा बदलाव मान रहे हैं। बिहार की राजनीति में नया दौर शुरू होता दिख रहा है।
