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दुबई, डिजिटल डेस्क : फ्लाईदुबई की तेल अवीव जा रही उड़ान में कॉकपिट हमले के आरोपी ओमानी को-पायलट को सऊदी अरब ने संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के हवाले कर दिया है। जांच एजेंसियां अब इस बात की पड़ताल कर रही हैं कि क्या यह घटना जानबूझकर विमान को क्रैश करने की कोशिश थी।

अमीराती सरकार ने कहा कि उसकी टीम हमले की जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या इसका किसी आतंकवादी उद्देश्य से कोई संबंध था।

फ्लाईदुबई फ्लाइट FZ1073 दुबई से तेल अवीव जा रही थी, जिसमें करीब 182 यात्री सवार थे। उड़ान के दौरान ओमानी को-पायलट ने भारतीय कैप्टन स्मिट मच्छर पर चाकू से हमला किया और विमान का नियंत्रण लेने की कोशिश की। घायल होने के बावजूद कैप्टन ने कॉकपिट का दरवाजा खोला, जिससे यात्री और क्रू सदस्यों ने घुसकर को-पायलट को काबू में कर लिया।

इस घटना के दौरान विमान करीब 33,000 फीट से 17,000 फीट तक तेजी से नीचे आ गया था

इस घटना के दौरान विमान करीब 33,000 फीट से 17,000 फीट तक तेजी से नीचे आ गया था। इसके बाद आपात लैंडिंग सऊदी अरब के ताबुक हवाई अड्डे पर हुई। कैप्टन मच्छर का इलाज अब अबू धाबी में चल रहा है और उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।

यूएई ने जांच अपने हाथ में ले ली है क्योंकि विमान वहां पंजीकृत है। जांच में आतंकवादी मकसद या मानसिक विकार समेत सभी संभावनाओं पर गौर किया जा रहा है।

इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि प्रारंभिक जांच में को-पायलट पर इस्लामी कट्टरपंथी विचारधारा का असर दिख रहा है और वह आत्मघाती रवैये में था।

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने भी संभावित ईरान लिंक का जिक्र किया है, हालांकि नेतन्याहू ने कहा कि अभी यह साबित नहीं हुआ है। को-पायलट की पहचान आधिकारिक तौर पर सार्वजनिक नहीं की गई है। इजरायल भी जांच में शामिल है।