US : ट्रंप ने न्याय विभाग-एफबीआई पर लगाया बड़ा आरोप

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वाशिंगटन, एजेंसी : अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने न्याय विभाग और संघीय जांच ब्यूरो (एफबीआई) पर विगत ही में उन पर हुए हमलों के प्रकरण को गलत तरीके से संभालने का आरोप लगाया। उन्होंने स्टेट ऑफ फ्लोरिडा (फ्लोरिडा राज्य) से जांच की मांग की। 78 वर्षीय ट्रंप पर 15 सितंबर को वेस्ट पाम ब्रिज के ट्रंप इंटरनेशनल गोल्फ क्लब में दूसरी बार हमला किया गया था। इस मामले में हवाई में एक छोटी निर्माण कंपनी के मालिक 58 वर्षीय रयान वेस्ले रॉथ को हिरासत में लिया गया था।

एक बयान जारी कर ट्रंप ने कहा, “कमला हैरिस और जो बाइडन की एफबीआई और न्याय विभाग ने जुलाई के बाद मेरे उपर हुए दूसरी बार हमले को गलत ढंग से संभाला। यह कोई आश्चर्य की बात नहीं है। जब से मैंने राष्ट्रपति चुनाव के लिए अपने ऐतिहासिक अभियान की घोषणा की, तब से ही न्याय विभाग और एफबीआई हथियारबंद कानून के साथ मेरे पीछे लगे हुए हैं।” बता दें कि डोनाल्ड ट्रंप रिपब्लिकन पार्टी के उम्मीदवार हैं और वह लगातार तीसरी बार राष्ट्रपति चुनाव लड़ रहे हैं।

न्याय विभाग-एफबीआई पर भरोसा करना मुश्किल : ट्रंप

पूर्व राष्ट्रपति ने दावा किया कि न्याय विभाग और एफबीआई के बीच हितों का टकराव है। उन्होंने कहा कि हत्या के प्रयासों की जांच के लिए बाइडन और हैरिस की न्याय विभाग और एफबीआई पर भरोसा करना मुश्किल है। ट्रंप ने कहा, “पेंसिल्वेनिया में जब बुलेट मेरे कान के पास से गुजर गई तो एफबीआई के निदेशक सांसदों के पास गए और उन्हें बताया कि यह गोली नहीं हो सकती। ट्रम्प ने इसे कांच और छर्रे बताया। यह एक ऐसा झूठ था, जिसकी निंदा मेरे दुश्मनों ने भी किया । उन्होंने जो भी बोले थे अपमानजनक था, क्योंकि लाखों लोगों ने इसे टीवी पर देखा था, इसलिए उन्हें पीछे हटना पड़ा।”

13 जुलाई को ट्रंप पर चुनावी रैली के समय पहली बार हमला किया गया था, जहां बुलेट ट्रम्प के कान के पास से निकल गई। इस हमले में वह बाल-बाल बच गए। इस घटना पर उन्होंने कहा, “अगर न्याय विभाग और एफबीाई अपना काम ईमानदारी से नहीं कर सकते तो गवर्नर रॉन डेसेंटिस और फ्लोरिडा राज्य पहले ही इसकी जांच करने के लिए तैयार हैं।” उन्होंने आगे कहा, “फ्लोरिडा के आरोप एफबीआई के आरोपों से कहीं अधिक गंभीर होंगे। हमारी न्याय प्रणाली भ्रष्ट और बदनाम है।” हत्या के प्रयासों को रोकने में एजेंसी की विफलताओं के बाद सीक्रेट सर्विस के सुरक्षात्मक अभियानों के बारे में सवाल खड़े हो गए हैं।

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