नई दिल्ली. स्पोर्ट्स डेस्क : भारत का हर वो क्रिकेटर, जो टीम इंडिया के लिए खेलता है, उसका सपना होता है कि वो टीम की कप्तानी करे। कई बार ऐसे खिलाड़ियों को कप्तानी मिलती है, जो एक या दो सीरीज के कप्तान बनते हैं। इसका बड़ा कारण ये होता है कि परमानेंट कप्तान या तो चोटिल होता है या फिर उसे आराम दिया जाता है। मौजूदा समय में भी ऐसा देखने को मिलता है। भारतीय क्रिकेट के इतिहास में एक बार दिलचस्प किस्सा हुआ, जब एक खिलाड़ी को सिर्फ एक रात के लिए कप्तान बनाया गया। ये खिलाड़ी कोई और नहीं बल्कि संदीप पाटिल थे। वही संदीप पाटिल, जो 1983 वर्ल्ड कप विनिंग टीम का हिस्सा थे। उनका करियर भारत के लिए अधिक लंबा नहीं रहा लेकिन उन्हें टीम इंडिया का एक रात का कप्तान बनाया गया था और ये किस्सा उन्होंने खुद शेयर किया है। संदीप पाटिल ने सुनाया दिलचस्प किस्सा संदीप पाटिल ने विक्की लालवानी के यूट्यूब चैनल पर बात करते हुए इस दिलचस्प कहानी को शेयर किया। उन्होंने कहा, “मुझे 1994 में एक रात के लिए कप्तान बनाया गया था। उस समय भारत के 7 खिलाड़ियों ने बीसीसीआई के साथ सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट साइन करने से मना कर दिया था। भारत का मुकाबला पाकिस्तान से होने वाला था। मैं जयपुर में रणजी ट्रॉफी का मैच खेल रहा था। मेरा अंगूठा टूटा हुआ था और प्लास्टर भी लगा हुआ था।” पाटिल ने आगे कहा, “मुझे चयन समिति के अध्यक्ष का फोन आया और उस समय एक चयनकर्ता मध्य प्रदेश बनाम राजस्थान का रणजी ट्रॉफी का मैच देख रहे थे। मैच के बाद चयनकर्ता का मुझे फोन आया और मैं गया। मुझे बताया गया कि आप भारतीय टीम की कप्तानी कर रहे हैं। मैंने कहा, मैं? मेरा अंगूठा टूटा हुआ था। मैंने अपने घर फोन किया। उस समय मैं संन्यास ले चुका था। सुबह सातों खिलाड़ियों ने कॉन्ट्रैक्ट पर साइन कर दिया। इस तरह से मैं एक रात के लिए भारतीय टीम का कप्तान बना था।” संदीप पाटिल का करियर संदीप पाटिल के करियर पर नजर डालें, तो वे टीम इंडिया के लिए लंबे समय तक नहीं खेल सके। उन्होंने भारत के लिए 29 टेस्ट मैच खेले, जिसमें 36.93 की औसत से 1588 रन बनाए। गेंदबाजी में उन्होंने 9 विकेट लिए। वनडे क्रिकेट में उन्होंने 45 मुकाबले खेले, जिसमें 1005 रन बनाए, जबकि 15 विकेट चटकाए। Post navigation सोशल मीडिया : सरकार की डिजिटल स्ट्राइक, 2.98 लाख URL हटाने की मांग लता मंगेशकर का रक्षाबंधन का वो गाना, जिसे गाते हुए रो पड़ीं सिंगर