तेहरान,डिजिटल डेस्क : पश्चिम एशिया में युद्ध के बीच दुनिया की सबसे अहम समुद्री ऊर्जा गलियों में शामिल होर्मुज जलडमरूमध्य पर संकट और गहरा गया है। संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि होर्मुज से गुजर रहे उसके सरकारी तेल समूह एडीएनओसी से जुड़े दो टैंकरों को ईरान ने निशाना बनाया। दोनों जहाजों पर ड्रोन हमले की बात सामने आई है। हमले में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। यूएई ने इसे समुद्री डकैती बताते हुए ईरान की कड़ी निंदा की है। हालांकि, ईरान की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं दी गई है। एपी के अनुसार, यूएई के विदेश मंत्रालय के मुताबिक, दोनों टैंकर गुरुवार शाम होर्मुज पार करने की कोशिश कर रहे थे। मंत्रालय ने हमले को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2817 का उल्लंघन बताया और कहा कि अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग में वाणिज्यिक जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित की जानी चाहिए। अरब लीग ने भी हमले की निंदा करते हुए इसे अंतरराष्ट्रीय कानून और समुद्री नौवहन की स्वतंत्रता के लिए गंभीर खतरा बताया है। अमेरिका का ईरान पर और दबाव का संकेत टैंकरों पर हमले के बीच अमेरिका ने ईरान पर आर्थिक दबाव और बढ़ाने के संकेत दिए हैं। न्यूयार्क टाइम्स के अनुसार, अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने कहा है कि वाशिंगटन तेहरान पर ऐसे आर्थिक कदम उठाने की तैयारी कर रहा है, जो अभूतपूर्व स्तर के होंगे। उन्होंने कहा कि इन उपायों की घोषणा अगले सप्ताह की जा सकती है। इससे पहले अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने कहा था कि अमेरिका ईरान की समुद्री नाकेबंदी को अनिश्चितकाल तक जारी रखने की क्षमता रखता है। होर्मुज में जहाजों की आवाजाही लगभग बंद टैंकरों पर नए हमले ऐसे समय हुए हैं जब होर्मुज में व्यावसायिक जहाजों की आवाजाही पहले ही बेहद कम हो चुकी है। केप्लर के आंकड़ों के मुताबिक, गुरुवार को केवल नौ कमोडिटी जहाज होर्मुज से गुजरे। यह संख्या अगस्त के औसत करीब 12 जहाज प्रतिदिन से भी कम है। हालांकि, सामान्य परिस्थितियों में इस रास्ते से कहीं अधिक जहाज गुजरते हैं। होर्मुज दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा मार्गों में से एक है। इसके जरिए वैश्विक समुद्री तेल और एलएनजी कारोबार का बड़ा हिस्सा गुजरता है। इसलिए यहां कुछ दिनों की बाधा भी दुनिया भर में तेल की कीमतों और ऊर्जा आपूर्ति पर असर डाल सकती है। इसी आशंका के बीच शुक्रवार को ब्रेंट क्रूड करीब 88 डालर प्रति बैरल तक पहुंच गया। बाजार में यह चिंता बनी हुई है कि अगर होर्मुज से आपूर्ति और बाधित हुई तो वैश्विक तेल बाजार में कमी और बढ़ सकती है। ईरान बोला, अमेरिका को अभी और जलील होना है ईरान के एक वरिष्ठ धर्मगुरु का कहना है कि अमेरिका ईरान की मिसाइल क्षमताओं को खत्म करने में नाकाम रहा है। एएनआइ के अनुसार, ईरान की ‘गार्जियन काउंसिल’ और ‘असेंबली आफ़ एक्सपर्ट्स’ के सदस्य अहमद खतामी का कहना है कि अमेरिका ईरान की मिसाइल क्षमताओं को खत्म करने में नाकाम रहा है, जिससे “अमेरिका की बेइज्जती हुई है और आगे भी होती रहेगी।” उन्होंने ईरान के सरकारी टीवी से कहा, “दुश्मन ईरान को पाषाण युग में वापस भेजना चाहता था, लेकिन आज दुनिया को यह एहसास हो गया है कि अमेरिकी सरकार खुद सभ्यता और लोकतंत्र के बारे में कुछ नहीं जानती है, और असल में अमेरिका ही पुराने ज़माने जैसा व्यवहार कर रहा है।” तेल प्रदूषण ने बढ़ाई नई चिंता होर्मुज संकट अब सिर्फ ऊर्जा आपूर्ति तक सीमित नहीं रहा है। समुद्र में तेल प्रदूषण को लेकर भी चिंता बढ़ रही है। ईरानी अधिकारियों ने खाड़ी के कुछ हिस्सों में तेल फैलने के लिए अमेरिकी सैन्य कार्रवाई को जिम्मेदार ठहराया है। हालांकि, उपलब्ध रिपोर्टों में अलग-अलग तेल रिसाव की घटनाओं के अलग-अलग कारण सामने आए हैं। रायटर के मुताबिक, ओमान के तट के पास एक बड़े तेल रिसाव का संबंध संघर्ष से नहीं था, जबकि क़ेश्म और सिर्री द्वीप के आसपास दो अन्य तेल रिसावों के संघर्ष से जुड़े होने की आशंका जताई गई है। रोजाना करोड़ों बैरल तेल की आपूर्ति प्रभावित अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, सामान्य परिस्थितियों में होर्मुज से रोजाना करीब दो करोड़ बैरल तेल गुजरता है। मौजूदा संकट में यह मात्रा काफी घट गई है। आइएएनएस के अनुसार, अमेरिकी ऊर्जा मंत्री क्रिस राइट ने कहा है कि फिलहाल करीब 1.5 करोड़ बैरल प्रतिदिन तक ही तेल की आवाजाही हो पा रही है। उन्होंने कहा कि ज्यादातर जहाज ट्रांसपोंडर बंद करके सैन्य निगरानी में निकल रहे हैं। ऐसे में ये नहीं कहा जा सकता कि होर्मुज पर ईरान का पूरी तरह नियंत्रण है। Post navigation ओंकरेश्ववर रेलवे स्टेशन पर इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग सिस्टम का काम पूर्ण जहरीली गैस के रिसाव से 8 मजदूरों की मौत, शिपब्रेकिंग यार्ड में हुआ हादसा