नई दिल्ली,एजेंसी : अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में सोमवार रात पाकिस्तान के हवाई हमले में ओमिद नशा मुक्ति अस्पताल तबाह हो गया। तालिबान सरकार के अनुसार, इस हमले में 400 से ज्यादा लोग मारे गए। संयुक्त राष्ट्र के विशेष प्रतिवेदक (रैपोर्टेयर) रिचर्ड बेनेट ने इस घटना को ‘मानवता के खिलाफ अपराध’ बताते हुए तुरंत स्वतंत्र जांच शुरू करने और पीड़ित परिवारों को उचित मुआवजा देने की मांग की है। विशेष दूत ने कहा कि अस्पताल जैसे नागरिक स्थानों पर हमला युद्ध के नियमों का उल्लंघन है। उनका यह बयान सोमवार (16 मार्च) रात को हुए एक पाकिस्तानी हमले के बाद आया है। इस हमले में काबुल के पुल-ए-चरखी इलाके स्थित 2,000 बिस्तरों वाले ‘ओमिद एडिक्शन ट्रीटमेंट हॉस्पिटल’ को निशाना बनाया गया था, जिसमें सैकड़ों लोग मारे गए और कई अन्य घायल हो गए। रिचर्ड बेनेट ने एक्स पोस्ट के जरिए कहा “मैं इस बात का समर्थन करता हूं कि काबुल में एक नशा मुक्ति केंद्र पर पाकिस्तान द्वारा की गई हवाई स्ट्राइक की तुरंत, स्वतंत्र और पारदर्शी जांच होनी चाहिए। इस हमले में कथित तौर पर कई लोग मारे गए और घायल हुए हैं। जो लोग इसके लिए जिम्मेदार हैं, उन्हें जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए और पीड़ितों तथा उनके परिवारों को मुआवजा दिया जाना चाहिए।” उन्होंने यह बयान यूएन मानवाधिकार के एक्स पोस्ट के जवाब में दिया। उस पोस्ट में यूएनएचआर ने काबुल के नशा मुक्ति केंद्र में हुए धमाके की जांच और उसके लिए जवाबदेही तय करने की मांग की थी। एक्स पोस्ट में मानवाधिकार संस्था ने कहा, “हम काबुल के एक नशा मुक्ति केंद्र में हुए दुखद धमाके की जांच और उसके लिए जवाबदेही तय करने की मांग करते हैं। इस धमाके में कई मरीजों की जान चली गई। सभी पक्षों को नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी कदम उठाने चाहिए।” मंगलवार को अफगानिस्तान के विदेश मंत्री अमीर खान मुत्ताकी ने काबुल पर हुए पाकिस्तानी हवाई हमले की कड़ी निंदा की और इसे मानवीय तथा इस्लामी सिद्धांतों का गंभीर उल्लंघन बताया। अफगानिस्तान स्थित ‘अरियाना न्यूज’ की रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने कहा कि पाकिस्तानी हमले में 408 से ज्यादा लोग मारे गए और 260 से ज्यादा घायल हो गए; इनमें से अधिकतर लोग नशा मुक्ति केंद्र में इलाज करवा रहे मरीज थे। उन्होंने पाकिस्तान पर जानबूझकर नागरिक ठिकानों को निशाना बनाने का आरोप लगाया। मुत्ताकी ने कहा काबुल में विभिन्न संगठनों के राजनयिकों और प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए मुत्ताकी ने कहा कि पाकिस्तानी हवाई हमले ने समाज के सबसे कमजोर तबके को निशाना बनाया यानी, उन लोगों को जो नशे की लत से छुटकारा पाने के लिए इलाज करवा रहे थे। उन्होंने कहा कि फरवरी से लेकर अब तक लगातार हो रहे हमलों,जिनमें अफगानिस्तान के अलग-अलग हिस्सों में नागरिक इलाकों पर किए गए हमले भी शामिल हैं,की वजह से कूटनीतिक समाधानों पर से भरोसा कम हो गया है। ‘अरियाना न्यूज’ की रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने चेतावनी दी कि अगर हमले जारी रहे, तो अफगान सेना “उचित और वैध” जवाबी कार्रवाई करती रहेगी। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि अफगानिस्तान युद्ध नहीं चाहता, लेकिन वह अपनी संप्रभुता और अपने क्षेत्र की रक्षा जरूर करेगा। मुत्ताकी ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से पाकिस्तान के हमले की निंदा करने की अपील की। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर इस्लामाबाद की ओर से तनाव बढ़ाना जारी रहा, तो इससे पूरे क्षेत्र में अस्थिरता फैलने का खतरा है और इसका असर प्रमुख आर्थिक तथा विकास पहलों पर भी पड़ सकता है। Post navigation UAE से ‘जग लाडकी’ टैंकर 80 हजार टन कच्चा तेल लेकर पहुंचा भारत Rajya Sabha में 59 सांसदों को विदाई, पीएम मोदी बोले-सदन एक यूनिवर्सिटी