लखनऊ, डॉ.जितेंद्र बाजपेयी : Rajya Sabha elections in UP: यूपी में राज्यसभा की 10 सीटों के लिए चुनाव की दुंदुभि बज चुकी है। अभी दो सीटें सपा को और आठ भाजपा को मिलना तय हैं। यूपी में राज्यसभा की 10 सीटों के लिए चुनाव की दुंदुभि बज चुकी है। एक सीट जीतने के लिए 37 विधायकों के मतों की जरूरत होगी। विधानसभा में मौजूदा संख्याबल के हिसाब से सपा दो सीट जीतने की ही स्थिति में है, क्योंकि तीसरी सीट जीतने के लिए उसे 16 अतिरिक्त वोट चाहिए। इसलिए भाजपा के खाते में 8 सीटों का जाना लगभग तय माना जा रहा है। राज्यसभा की जो 10 सीटें खाली हो रही हैं, उनमें 8 सीटें भाजपा और एक-एक सीट सपा और बसपा की है। बसपा विधानसभा में शून्य है। सपा के पास वर्तमान में 97 विधायक हैं। लेकिन, बताते हैं कि सपा अपने साथ 95 को मानकर चल रही है। सपा से निष्कासित विधायक पूजा पाल और जेल में बंद पूर्व कैबिनेट मंत्री गायत्री प्रजापति की पत्नी व विधायक महाराजी देवी का साथ न उसे पिछले राज्यसभा चुनाव में मिला था और न ही इस चुनाव में मिलने की कोई संभावना है। राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि इन स्थितियों में दो सीटें जीतने के बाद सपा के पास 21 वोट बचेंगे, लेकिन तीसरी सीट जीतने के लिए 16 मत और चाहिए होंगे। सपा के रणनीतिकार भी स्वीकार करते हैं कि वर्तमान परिस्थितियों में उनकी पार्टी के लिए इतने अतिरिक्त वोट जुटा पाना मुमकिन नहीं है। भाजपा के पास अपने 256 विधायक हैं भाजपा के पास अपने 256 विधायक हैं। उसके सहयोग दलों में निषाद पार्टी के 5, अपना दल (एस) के 13, रालोद के 9, सुभासपा के 6 और भाजपा के 256 विधायक हैं। तीन असंबद्ध विधायकों मनोज पांडेय, राकेश सिंह और अभय सिंह का समर्थन भी भाजपा को है। वहीं, जनसत्ता दल (लोकतांत्रिक) के दो विधायकों का भी भाजपा को समर्थन मिलना तय माना जा रहा है। इस तरह से देखें तो भाजपा के पास 294 का संख्या बल है जबकि उसे आठ सीट जीतने के लिए 296 मत चाहिए। आठवीं सीट जीतने के लिए भाजपा को आवश्यक संख्याबल जुटाने में कोई खास मुश्किल नहीं होगी। बता दें, वर्ष 2024 में हुए राज्यसभा चुनाव में सपा के मनोज कुमार पांडेय, राकेश प्रताप सिंह और अभय सिंह, विनोद चर्तुवेदी, राकेश पांडेय, पूजा पाल और आशुतोष मौर्य ने भी क्रॉस वोटिंग की थी। इसके अलावा सपा विधायक महाराजी देवी मतदान के दौरान गैरहाजिर रही थीं। सपा के सूत्र बताते हैं कि राज्यसभा चुनाव में यूपी के पूर्व मुख्य सचिव आलोक रंजन और प्रो. रामगोपाल यादव का सपा का प्रत्याशी होना लगभग तय है। प्रो. रामगोपाल यादव वर्तमान में भी राज्यसभा सदस्य हैं और उनका कार्यकाल 25 नवंबर को खत्म होने के कारण ही इस सीट पर चुनाव हो रहा है। जबकि, फरवरी 2024 में हुए राज्यसभा चुनाव में आलोक रंजन सपा के प्रत्याशी थे, पर हार गए थे। सूत्र बताते हैं कि सपा अपना तीसरा प्रत्याशी भी उतारेगी, जोकि पीडीए समाज से ही होगा। Post navigation मानसून की विदाई के बीच मौसम का यू-टर्न, आज से सक्रिय होगा चक्रवात UP : 1 लाख रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा लेखपाल का मुंशी