वैभव सूर्यवंशी होंगे आईआईएम की रिसर्च का हिस्सा, छोटी उम्र में मिली सफलता

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इंदौर , संवाददाता : खेल, कला, फिल्म और अन्य क्षेत्रों में कम उम्र में प्रतिभाओं की असाधारण सफलता के पीछे कौन से कारक काम करते हैं और उनमें से कई प्रतिभाएं लंबे समय तक शिखर पर कैसे बनी रहती हैं? इन सवालों के जवाब तलाशने के लिए भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम), इंदौर विशेष अध्ययन करेगा।

हाल में आईपीएल में अपने प्रदर्शन से चर्चा में आए युवा क्रिकेटर वैभव सूर्यवंशी भी इस शोध का हिस्सा होंगे। अध्ययन का उद्देश्य केवल बाल प्रतिभाओं की उपलब्धियों का मूल्यांकन करना ही नहीं, उनकी सफलता के पीछे काम करने वाले कारकों को समझना है।

किसकी होती है भूमिका

शोध में यह जानने का प्रयास किया जाएगा कि किसी बाल प्रतिभा को असाधारण बनाने में सबसे बड़ी भूमिका किसकी होती है। क्या सफलता का आधार जन्मजात क्षमता और जीन होते हैं, या परिवार, स्कूल, प्रशिक्षक और सामाजिक वातावरण उसे आगे बढ़ाते हैं? शोधकर्ता यह भी परखेंगे कि निरंतर मेहनत, अनुशासन और अभ्यास का योगदान कितना महत्वपूर्ण है।

अध्ययन में उन उदाहरणों की भी तुलना की जाएगी, जिनमें कुछ बाल प्रतिभाएं शुरुआती सफलता को लंबे समय तक बनाए रखने में सफल रहीं, जबकि कुछ अपेक्षित ऊंचाइयों तक नहीं पहुंच सकीं। शोधकर्ताओं का प्रयास यह समझने का होगा कि सफलता को टिकाऊ बनाने वाले कारक कौन से हैं और किन परिस्थितियों में प्रतिभाएं अपने लक्ष्य से भटक जाती हैं।

ये है दूसरा उद्देश्य

शोध का दूसरा महत्वपूर्ण पक्ष कम उम्र में मिलने वाली प्रसिद्धि और उसके मानसिक प्रभावों पर केंद्रित होगा। इंटरनेट मीडिया के दौर में अचानक मिलने वाली लोकप्रियता, लोगों की बढ़ती अपेक्षाएं, लगातार बेहतर प्रदर्शन का दबाव और असफलता का डर युवाओं के व्यक्तित्व और करियर को किस प्रकार प्रभावित करता है, इसका भी विश्लेषण किया जाएगा।

शोध में उपलब्धियों के साथ-साथ उस पूरी यात्रा का अध्ययन होगा, जिसने किसी प्रतिभा को असाधारण बनाया। परिवार का सहयोग, प्रशिक्षकों का मार्गदर्शन, संसाधनों की उपलब्धता, व्यक्तिगत समर्पण और संघर्ष जैसे पहलुओं को भी शामिल किया जाएगा। आईआईएम का मानना है कि यह अध्ययन केवल किसी खिलाड़ी या कलाकार की सफलता का विश्लेषण नहीं होगा, बल्कि इससे ऐसे व्यावहारिक निष्कर्ष सामने आ सकते हैं, जो भविष्य की उभरती प्रतिभाओं के संतुलित और दीर्घकालिक विकास में मददगार साबित हों।

ये रहेगी प्रक्रिया

पहले चरण में शोध प्रस्ताव तैयार किया जाएगा। इसके बाद लगभग तीन माह में अध्ययन पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। देश और दुनिया की कई चर्चित तथा कम चर्चित बाल प्रतिभाओं के उदाहरणों का विश्लेषण किया जाएगा। खेल, कला, फिल्म और अन्य क्षेत्रों की प्रतिभाओं को अध्ययन में शामिल किया जाएगा।

आईपीएल में मचाया धमाल

वैभव कम उम्र में सफलता पाने का ताजा उदाहरण हैं। उन्होंने हाल ही में खत्म हुए आईपीएल-2026 में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज को मिलने वाली ऑरेंज कैप जीती। वैभव ने 16 मैचों में 776 रन बनाए। उन्होंने जिस अंदाज से बल्लेबाजी की उसे देखते हुए उनको टीम इंडिया में शामिल करने की मांग भी की जा रही है।