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नई दिल्ली, एंटरटेनमेंट डेस्क 90 के दशक में बॉलीवुड में एक ऐसे स्टार ने एंट्री ली थी, जिनका पूरा बचपन कैमरे के सामने ही बीता। महज 4 साल की उम्र में एक्टिंग की दुनिया में कदम रखने वाले जिस अभिनेता की हम बात कर रहे हैं, उन्होंने अपनी शानदार एक्टिंग से 90 के दशक में शाहरुख खान से लेकर सुनील शेट्टी तक कई बड़े स्टार्स को कड़ी टक्कर दी थी।

हालांकि, दुनिया आज उन्हें करिश्मा कपूर के पहले ऑन-स्क्रीन हीरो के रूप में याद करती है। कौन था वह स्टार, जो लगातार सफलता की सीढ़ियां चढ़ रहा था, लेकिन ‘रीढ़ की हड्डी’ की एक चोट ने उसे सिनेमा की दुनिया से हमेशा के लिए गुमनाम कर दिया? आइए पढ़ते हैं उनकी दर्दभरी दास्तान।

करिश्मा कपूर की डेब्यू फिल्म का था हीरो

जिस अभिनेता का जिक्र हम अपने इस लेख में कर रहे हैं, वह कोई और नहीं बल्कि हरीश कुमार हैं। हरीश अकेले ऐसे एक्टर हैं, जिन्होंने बतौर बाल कलाकार कई भाषाओं की फिल्मों में काम किया। फिल्म ‘अंधरा केसरी’ के लिए साल 1983 में उन्हें आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एन. टी. रामा राव ने ‘नंदी अवॉर्ड’ से सम्मानित किया था, जो साउथ सिनेमा के सबसे प्रतिष्ठित पुरस्कारों में से एक है।

साउथ फिल्मों में नाम कमाने के बाद उन्होंने साल 1991 में करिश्मा कपूर के अपोजिट फिल्म ‘प्रेम कैदी’ से बॉलीवुड डेब्यू किया, जो एक तेलुगु फिल्म का ही रीमेक थी। इसके बाद वह नाना पाटेकर की फिल्म ‘तिरंगा’, ‘आदमी’, ‘जवाब’, ‘कूली नंबर 1’, ‘आर्मी’, ‘हीरो नंबर 1’, ‘आंटी नंबर 1’, ‘फूल और आग’, ‘बुलंदी’ और ‘इंतकाम’ जैसी कई सफल फिल्मों में नजर आए।

‘रीढ़ की हड्डी’ की चोट ने कैसे बना दिया गुमनाम ?

जब हरीश महज 26 साल के थे, तब उन्होंने इंडस्ट्री से कुछ समय के लिए दूरी बना ली थी। इसका कारण था उनकी रीढ़ की हड्डी में उठने वाला असहनीय दर्द। शुरुआत में उन्हें लगा कि यह मामूली दर्द है, लेकिन समय के साथ यह बढ़ता चला गया। एक वक्त ऐसा आया जब वह बिस्तर से उठने में भी असमर्थ हो गए। जब डॉक्टरों की सलाह ली, तो पता चला कि बचपन में उनकी रीढ़ की हड्डी में गंभीर चोट लगी थी, जो उम्र बढ़ने के साथ स्लिप डिस्क की गंभीर समस्या बन गई।

डॉक्टरों ने इलाज के दौरान उन्हें दो साल तक बेडरेस्ट की सलाह दी और किसी भी तरह का काम करने से मना कर दिया। लगातार बेडरेस्ट की वजह से उनका वजन काफी बढ़ गया और मोटापे के कारण उन्हें फिल्में मिलना बंद हो गईं।

2011 में कमबैक की कोशिश रही नाकाम

साल 2011 में जब वह ठीक हुए, तो उन्होंने गोविंदा के साथ फिल्म ‘नॉटी@40’ से कमबैक करने की कोशिश की, लेकिन यह फिल्म फ्लॉप साबित हुई। इसके बाद 2012 में वह फिल्म ‘चार दिन की चांदनी’ में दिखे, लेकिन वह भी बॉक्स ऑफिस पर कमाल नहीं दिखा सकी। धीरे-धीरे इंडस्ट्री में उनका दबदबा खत्म हो गया और लोग समझने लगे कि उनकी फिल्मों का चुनाव ही गलत था।

साल 2021 में दिए एक इंटरव्यू में हरीश ने खुद अपनी रीढ़ की हड्डी की इंजरी और दर्द का खुलासा किया था। हालांकि, तब तक वह बॉलीवुड से पूरी तरह गुमनाम हो चुके थे। बता दें कि हरीश ने साल 1995 में संगीता चुग से शादी की थी और आज उनके 3 बच्चे हैं। एक्टिंग से दूर होने के बाद उन्होंने साल 2003 में बतौर प्रोड्यूसर किस्मत आजमाई थी, लेकिन वहां भी उन्हें सफलता हाथ नहीं लगी।