नई दिल्ली, डिजिटल डेस्क : पोलैंड के उप विदेश मंत्री व्लादिस्लाव बार्टोशेव्स्की ने शुक्रवार को कहा कि भारत एक बड़ी आर्थिक शक्ति बन चुका है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने के लक्ष्य की ओर तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे में किसी भी देश के लिए भारत जैसी अर्थव्यवस्था को नजरअंदाज करना मुश्किल है।
बार्टोशेव्स्की ने बातचीत में कहा, “भारत एक बड़ी आर्थिक शक्ति है और मौजूदा समय में जीडीपी के लिहाज से दुनिया में चौथे स्थान पर है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने का लक्ष्य लेकर चल रहा है। साथ ही यह 1.5 अरब लोगों का विशाल बाजार है, जिसे नजरअंदाज करना किसी भी देश के लिए आसान नहीं है।”
भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर टिप्पणी
भारत-अमेरिका ट्रेड डील को लेकर बार्टोशेव्स्की ने कहा कि एफटीए होना, डील न होने से बेहतर है। उन्होंने कहा कि सामान्य तौर पर टैरिफ किसी भी देश के लिए समृद्धि नहीं लाते, क्योंकि आयातकर्ता जब अतिरिक्त लागत उपभोक्ताओं तक पहुंचाते हैं, तो उसका सीधा बोझ आम लोगों पर पड़ता है। उन्होंने कहा कि शुल्क जितना कम होगा, उतना ही बेहतर होगा।
भारत-पोलैंड व्यापार में आईसीटी पर फोकस
भारत के साथ व्यापारिक संबंधों पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि पोलैंड भारत के साथ कई क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाएं देखता है, खासतौर पर आईसीटी (इन्फॉर्मेशन एंड कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी) सेक्टर में। उन्होंने बताया कि आईसीटी भारत की जीडीपी का करीब 9% है, जबकि पोलैंड की जीडीपी में इसका योगदान लगभग 7% है, ऐसे में इस क्षेत्र में सहयोग स्वाभाविक है।
डिजिटल टेक्नोलॉजी और ई-गवर्नेंस में सहयोग
उन्होंने कहा कि पोलैंड जनहित में डिजिटल टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में काफी आगे है। टेलीफोन या कंप्यूटर के जरिए सरकार और क्षेत्रीय निकायों के साथ अधिकांश आधिकारिक कामकाज संभव है और ई-गवर्नेंस के विस्तार पर लगातार काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि भारत भी इस क्षेत्र में काफी उन्नत है।
सैन्य तकनीक में संयुक्त उत्पादन की संभावना
बार्टोशेव्स्की ने कहा कि पोलैंड कई भारतीय कंपनियों के साथ सैन्य प्रौद्योगिकी में सहयोग को लेकर चर्चा कर रहा है, जिसमें अत्याधुनिक समाधान शामिल हैं। उन्होंने कहा कि पोलैंड में संयुक्त उत्पादन और भारत में ‘मेक इन इंडिया’ के तहत संयुक्त उत्पादन की संभावनाओं पर भी विचार किया जा रहा है।
ग्रीन टेक्नोलॉजी और जल प्रबंधन पर बातचीत
उप विदेश मंत्री बार्टोशेव्स्की ने बताया कि दोनों देशों के बीच ग्रीन टेक्नोलॉजी को लेकर भी बातचीत चल रही है, जिसमें भारत की खास रुचि है। जल उपचार के क्षेत्र में पोलैंड काफी उन्नत है और मुंबई में एक पोलिश कंपनी सीवेज प्रबंधन का काम कर रही है।
नवीकरणीय और परमाणु ऊर्जा में निवेश
उन्होंने कहा कि पोलैंड अपने ऊर्जा क्षेत्र को कोयले से नवीकरणीय स्रोतों की ओर तेजी से ले जा रहा है, जिसमें परमाणु ऊर्जा भी शामिल है। एक परमाणु ऊर्जा संयंत्र का निर्माण शुरू किया जा चुका है और छोटे मॉड्यूलर रिएक्टर प्लांट्स पर भी विचार किया जा रहा है। इसके साथ ही अपतटीय पवन ऊर्जा संयंत्रों और बायोगैस में भारी निवेश किया जा रहा है।
कृषि, बायोगैस और ग्रीन हाइड्रोजन में रुचि
बार्टोशेव्स्की ने कहा कि पोलैंड का कृषि क्षेत्र बेहद मजबूत है, जो उसके निर्यात मूल्य का लगभग 50% हिस्सा है। कृषि उत्पादों का उपयोग बायोगैस उत्पादन में किया जा सकता है, जो एक स्थिर और नवीकरणीय ऊर्जा स्रोत है। उन्होंने कहा कि पोलैंड ग्रीन हाइड्रोजन और ऊर्जा भंडारण में भारत के अनुभव में भी रुचि रखता है।
कोयला खनन पर भारत से बातचीत की योजना
उप विदेश मंत्री व्लादिस्लाव बार्टोशेव्स्की ने बताया कि पोलैंड भारत के साथ कोयला खनन पर भी बातचीत करने की योजना बना रहा है। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में पोलैंड के पास व्यापक अनुभव है और उसकी अधिकांश कोयला खदानें खुली खदानें हैं।
