कोलकाता, संवाददाता : भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (जीएसआई) के 176 साल के इतिहास में पहली बार किसी महिला को महानिदेशक बनाया गया है। वर्षा अशोक अगलावे ने शुक्रवार को संगठन की 54वीं महानिदेशक के रूप में कार्यभार संभाला। उन्होंने असित साहा का स्थान लिया, जिन्होंने दो वर्षों तक इस पद पर कार्य किया। जीवाश्म विज्ञान (पैलियंटोलाजी) की विशेषज्ञ वर्षा अगलावे को भूविज्ञान के क्षेत्र में तीन दशक से अधिक का अनुभव है। भारतीय खान ब्यूरो (आइबीएम) में कार्य करने के बाद वह वर्ष 1992 में जीएसआइ से जुड़ी थीं। हाल ही में वह कोलकाता स्थित जीएसआइ के पूर्वी क्षेत्र की अतिरिक्त महानिदेशक एवं विभागाध्यक्ष के पद पर कार्यरत थीं। कार्यभार संभालने के बाद वर्षा अगलावे ने कहा कि जीएसआइ की भावी योजनाओं को केंद्र सरकार की महत्वपूर्ण खनिजों की खोज और खनिज सुरक्षा संबंधी प्राथमिकताओं के अनुरूप आगे बढ़ाया जाएगा। उन्होंने बताया कि गहराई में छिपे खनिज भंडारों की खोज में तेजी लाने, अपतटीय (आफशोर) खनिज अन्वेषण का विस्तार करने तथा प्रयोगशाला ढांचे को और मजबूत बनाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। उन्होंने उन्नत भूवैज्ञानिक अनुसंधान, प्राकृतिक आपदाओं से जुड़े अध्ययन, हिमनद (ग्लेशियर) अनुसंधान, युवा भूवैज्ञानिकों के क्षमता विकास और वैज्ञानिक प्रकाशनों को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता भी जताई। उनके नेतृत्व में जीएसआइ के खनिज अन्वेषण और वैज्ञानिक अनुसंधान कार्यक्रमों को नई गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। Post navigation चन्द्रमा पर भयंकर विस्फोट, धरती से इस दिन दिखेगा तबाही का नजारा पासपोर्ट बनवाना हुआ महंगा, 14 साल बाद फीस में 67 फीसदी की बढ़ोतरी