183 एकड़ में फैला मंदिर, 10 हजार मूर्तियां, एशिया के बाहर विश्व का सबसे बड़ा हिन्दू मंदिर

Akshardham-Temple

नई दिल्ली, डिजिटल डेस्क : अक्षरधाम मंदिर परिसर दुनिया के सबसे प्रमुख हिंदू धार्मिक स्थलों में शामिल हो गया है। न्यू जर्सी के रोबिंसविले में स्थित यह विशाल परिसर न केवल आध्यात्मिक केंद्र है बल्कि अपनी भव्य वास्तुकला के लिए भी वैश्विक ध्यान आकर्षित कर रहा है। एसोसिएटेड प्रेस ने इसे आधुनिक युग में भारत के बाहर निर्मित सबसे बड़ा हिंदू मंदिर बताया है।

183 एकड़ में फैला विशाल परिसर

स्वामीनारायण अक्षरधाम के नाम से जाना जाने वाला यह परिसर 183 एकड़ क्षेत्र में फैला हुआ है। अक्टूबर 2023 में औपचारिक रूप से आम लोगों के लिए खोले गए इस मंदिर परिसर में मुख्य मंदिर के अलावा समुदाय के लिए कई अन्य सुविधाएं भी उपलब्ध हैं। कई वर्षों की योजना और निर्माण के बाद तैयार हुआ यह परिसर अब हजारों श्रद्धालुओं को आकर्षित कर रहा है।

पारंपरिक वास्तुकला का अद्भुत नमूना

परिसर के केंद्र में स्थित ‘महामंदिर’ इस पूरे प्रोजेक्ट की जान है। BAPS की जानकारी के अनुसार, मंदिर की ऊंचाई 191 फीट, चौड़ाई 255 फीट और लंबाई 345 फीट है। प्राचीन हिंदू ग्रंथों और पारंपरिक भारतीय मंदिर निर्माण शैली पर आधारित इस मंदिर में नौ शिखर हैं।

साथ ही, पारंपरिक पत्थर के मंदिरों में अब तक का सबसे बड़ा अंडाकार गुंबद भी यहीं बनाया गया है। मंदिर की सबसे आकर्षक विशेषता इसके अंदर मौजूद 10,000 से अधिक तराशी गई मूर्तियां हैं, जो हिंदू दर्शन, संगीत, नृत्य और आध्यात्मिकता के विभिन्न आयामों को दर्शाती हैं।

12500 स्वयंसेवकों का योगदान

स्वामीनारायण संस्था के आध्यात्मिक गुरु प्रमुख स्वामी महाराज के विजन पर आधारित यह परियोजना 2008 में जमीन खरीदने के साथ शुरू हुई। निर्माण कार्य 2015 में शुरू हुआ।BAPS के अनुसार, इस मेगा प्रोजेक्ट में 12,500 से अधिक स्वयंसेवकों ने योगदान दिया।

लगभग 20 लाख क्यूबिक फीट पत्थर का उपयोग किया गया, जबकि स्वयंसेवकों और कारीगरों ने कुल 47 लाख घंटे से अधिक का श्रम दिया।

नीलकंठ प्लाजा में 49 फीट की मूर्ति 

परिसर में नीलकंठ प्लाजा भी प्रमुख आकर्षण है, जहां स्वामीनारायण के किशोर रूप नीलकंठ वर्णी की 49 फीट ऊंची भव्य कांस्य प्रतिमा है। प्लाजा में पारंपरिक भारतीय शैली का बावड़ी (सीढ़ीदार कुआं) भी बनाया गया है।

मंदिर से जुड़ा विवाद

भव्यता की सराहना के साथ-साथ निर्माण के दौरान कुछ विवाद भी सामने आए। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ठेकेदारों पर भारतीय मजदूरों के शोषण का आरोप लगाते हुए मुकदमा दायर किया गया था। हालांकि BAPS ने इन आरोपों से इनकार किया और किसी भी अनैतिक कार्य में अपनी संलिप्तता से इनकार किया।

विजिटर्स के लिए जरुरी खबर

अक्षरधाम कैंपस मंगलवार को छोड़कर सप्ताह के बाकी सभी दिनों में खुला रहता है। क्योंकि यह सक्रिय पूजा स्थल है, इसलिए विजिटर्स को सख्त ड्रेस कोड का पालन करना होता है। परिसर के कुछ चुनिंदा हिस्सों में ही फोटोग्राफी की अनुमति है।