हरिद्वार , संवाददाता : पाकिस्तान से जुड़े संदिग्ध हवाला और ट्रांजेक्शन नेटवर्क में पिरान कलियर की सोनम से जुड़े संदिग्ध ट्रांजेक्शन मामले में जांच अब उसकी सहेली पूजा के अलावा, उमर, आदिल और हबीब नाम के लोगों के इर्द-गिर्द सिमटती जा रही है।
सोनम की अचानक बदली आर्थिक स्थिति के बीच एजेंसियां अब इस पूरे डिजिटल नेटवर्क की परतें खोलने में जुटी हैं। सूत्रों के अनुसार एजेंसियां उमर, आदिल और हबीब की लोकेशन, बैंकिंग कनेक्शन और डिजिटल गतिविधियों की पड़ताल कर रही हैं। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि इस नेटवर्क के तार किन राज्यों और सीमापार संदिग्ध गतिविधियों से जुड़े हुए हैं।
उमर ने नेटवर्क से जोड़ा
जम्मू-कश्मीर एसटीएफ और अन्य जांच एजेंसियों की पड़ताल में सामने आया है कि सोनम को उसकी सहेली पूजा ने वर्ष 2024 में कथित तौर पर उमर नाम के व्यक्ति ने इस नेटवर्क से जोड़ा था। सोनम की गिरफ्तारी के बाद पूजा फरार चल रही है।
सोनम से पूछताछ में बताया गया कि शुरुआत में केवल व्हाट्सएप काल के जरिए उमर से बातचीत होती थी। करीब एक माह बाद उमर ने उसकी बातचीत आदिल और हबीब नाम के लोगों से कराई, जिसके बाद बैंक खातों के जरिए रकम ट्रांसफर करने का सिलसिला तेज हो गया।
सूत्रों के अनुसार सोनम के पास एक लैपटाप भी था। अधिकांश समय सोनम लैपटाप पर काम करती हुई दिखती थी। यह भी बात चर्चा में है कि उसके साथ कलियर, धनौरी और भगवानपुर ब्लाक के एक गांव के लड़के-लड़कियां संपर्क में थे।
जांच एजेंसियों को शक है कि डिजिटल माध्यमों से आने वाली रकम की निगरानी और ट्रांजेक्शन का रिकार्ड इसी लैपटाप के जरिए संचालित किया जाता होगा। फिलहाल जांच एजेंसियां लैपटाप, मोबाइल फोन और आनलाइन चैटिंग का डेटा खंगाल रही हैं।
तो असली स्रोत छिपाने के लिए हो रहा था काम
हरिद्वार सूत्रों के अनुसार जांच में यह भी सामने आया है कि रकम खाते में पहुंचते ही सोनम को व्हाट्सएप काल या मैसेज के जरिए सूचना दी जाती थी। इसके बाद साेनम एटीएम से धनराशि को ट्रांसफर जम्मू कश्मीर व पंजाब के कुछ बैंक खातों भेजी जाती थी। कई बार सोनम ने धनराशि भेजने के लिए फोन से यूपीआइ का इस्तेमाल भी किया। जांच अधिकारियों को आशंका है कि यह पूरा नेटवर्क कई स्तरों पर रकम को इधर-उधर भेजकर असली स्रोत छिपाने का काम कर रहा था।
ईद के बाद कार खरीदने की चर्चा
हरिद्वार, पिरान कलियर कोतवाली क्षेत्र के आसफनगर-कोटा मुरादनगर गांव में भी इस मामले को लेकर चर्चाएं तेज हैं। ग्रामीणों के मुताबिक सोनम अपने परिचितों को आनलाइन बिजनेस से अच्छी कमाई होने की बात बताती थी। वहीं उसका बेरोजगार भाई ईद के बाद चार लाख रुपये की कार खरीदने की चर्चा करता था। सामान्य आर्थिक स्थिति वाले परिवार में अचानक आई आर्थिक सक्रियता भी जांच का अहम हिस्सा है।
राहुल खान के मैसेज ने खोला सोनम का राज
जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले राहुल खान निवासी सुंजवां और सपना निवासी कठुआ की गिरफ्तारी के बाद सोनम का नाम सामने आया। राहुल खान और उसी पत्नी सपना ने व्हाट्सएप मैसेज के जरिए लेन-देन को लेकर सोनम से बात की थी। जिसके बाद 24 मई को जम्मू-कश्मीर एसटीएफ की टीम ने हरिद्वार पहुंचकर सोनम को गिरफ्तार किया था। सूत्रों के अनुसार आरोपित राहुल खान की पाकिस्तान में बैठे आतंकी संगठनों के कई हैंडलरों से बात होती थी, एजेंसियां इसकी जांच में भी जुटी है।
संयुक्त जांच टीम को सोनम ने बताया कि वह अपनी सहेली के जरिए उमर नाम के व्यक्ति से व्हाट्सएप काल से जुड़ी। उमर और उसके अन्य साथियों ने सोनम को कई एटीएम कार्ड, चेक बुक भेजी और ट्रांजेक्शन संबंध में बताया गया। किन खातों में धनराशि भेजनी और कैसे भेजनी है। यह मुकदमा जम्मू कश्मीर में चल रहा है। इस मामले में जो भी अग्रिम कार्रवाई होगी या जानकारी मिलेगी, मीडिया से साझा की जाएगी।
– नवनीत सिंह भुल्लर, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरिद्वार
