कानपुर ,संवाददाता : Kanpur News: होटल कारोबारी सुरेश पाल से ढाई करोड़ की रंगदारी के मामले में आरोपी अधिवक्ता अखिलेश दुबे की जमानत याचिका इलाहाबाद हाईकोर्ट ने खारिज कर दी है। सुप्रीम कोर्ट से एक मामले में राहत मिलने के बाद भी अखिलेश की रिहाई पर संकट बरकरार है।
कानपुर में होटल कारोबारी सुरेश पाल से ढाई करोड रुपये की रंगदारी वसूलने के मामले में आरोपी अधिवक्ता अखिलेश दुबे की जमानत याचिका हाईकोर्ट ने खारिज कर दी है। सुरेश पाल ने अगस्त 2025 में किदवई नगर थाने में अधिवक्ता अखिलेश दुबे और उसके साथी लवी मिश्रा समेत अन्य लोगों के खिलाफ पाक्सो के झूठे मुकदमे में फंसाकर रंगदारी वसूलने का आरोप लगाते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसके एक दिन पहले ही भाजपा नेता रवि सतीजा द्वारा भी अखिलेश दुबे पर ऐसा ही आरोप लगाते हुए बर्रा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी।
इसमें अखिलेश और लवी को गिरफ्तार कर जेल भी भेज दिया गया था
इसमें अखिलेश और लवी को गिरफ्तार कर जेल भी भेज दिया गया था। तब से अखिलेश जेल में ही बंद है। एक-एक कर अखिलेश के खिलाफ पांच मुकदमे दर्ज हुए थे। इनमें से दो मुकदमों में अखिलेश को सेशन कोर्ट से ही जमानत मिल गई थी। वहीं, भाजपा नेता रवि सतीजा द्वारा दर्ज कराए गए मुकदमे में हाईकोर्ट से जमानत न मिलने के कारण उसे सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाना पड़ा था।
फिर सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाना पड़ेगा
पिछले महीने अखिलेश को इस मामले में सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल गई थी। इसके बाद सिर्फ सुरेश पाल के मुकदमे में और वक्फ की संपत्ति पर कब्जे से संबंधित मुकदमे में ही जमानत मिलनी बाकी थी, लेकिन सुरेश पाल के मुकदमे में हाईकोर्ट से अखिलेश की जमानत याचिका खारिज होने के बाद अखिलेश की रिहाई पर एक बार फिर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। इस मुकदमे में राहत के लिए अखिलेश को एक बार फिर सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाना पड़ेगा।
