प्रयागराज, संवाददाता : इलाहाबाद हाईकोर्ट से न्यायमूर्तियों के मुख्य न्यायाधीश बनने पर अधिवक्ताओं में खुशी का माहौल है। उन्होंने इसे गौरव का पल बताया और शुभकामनाएं दीं। इलाहाबाद हाईकोर्ट से न्यायमूर्तियों के मुख्य न्यायाधीश बनने पर अधिवक्ताओं में खुशी का माहौल है। उन्होंने इसे गौरव का पल बताया और शुभकामनाएं दीं। अदालत में न्यायमूर्तियों का सफर न्यायमूर्ति एमसी त्रिपाठी न्यायमूर्ति महेश चंद्र त्रिपाठी ने वर्ष 1990 में लखनऊ विश्वविद्यालय से कानून की पढ़ाई पूरी की। उन्होंने 11 जनवरी 1992 को अधिवक्ता के रूप में पंजीकरण कराया। उनका प्रमुख कार्यक्षेत्र दीवानी मामलों से जुड़ा रहा। अक्तूबर 2007 से वह उत्तर प्रदेश राज्य के अतिरिक्त मुख्य स्थायी अधिवक्ता के रूप में भी कार्यरत रहे। न्यायमूर्ति त्रिपाठी को 27 सितंबर 2013 को इलाहाबाद हाईकोर्ट का अतिरिक्त न्यायाधीश नियुक्त किया गया था। इसके बाद 10 अप्रैल 2015 को स्थायी न्यायाधीश बने। 20 जून 2028 को वह सेवानिवृत्त होंगे। वर्तमान में वह इलाहाबाद हाईकोर्ट के वरिष्ठ न्यायाधीश हैं और प्रयागराज स्थित प्रधान पीठ की अध्यक्षता भी कर चुके हैं। न्यायमूर्ति अश्वनी कुमार मिश्रा न्यायमूर्ति अश्वनी कुमार मिश्रा का इलाहाबाद हाईकोर्ट से 20 जुलाई 2025 को पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय स्थानांतरण किया गया था। वर्तमान में वहीं कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश हैं। उन्होंने किरोड़ीमल कॉलेज से अर्थशास्त्र में बीए (ऑनर्स) की डिग्री हासिल की और दिल्ली विश्वविद्यालय के कैंपस लॉ सेंटर से एलएलबी की पढ़ाई पूरी की। उन्होंने आठ मई 1993 को अधिवक्ता के रूप में पंजीकरण कराया। मुख्य रूप से दीवानी, सांविधानिक और सेवा संबंधी मामलों में पैरवी की। कई अहम मामलों में उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता के रूप में भी अपनी सेवाएं दीं। तीन फरवरी 2014 को उन्हें इलाहाबाद उच्च न्यायालय का अतिरिक्त न्यायाधीश नियुक्त किया गया। एक फरवरी 2016 को उन्हें स्थायी न्यायाधीश के रूप में नियुक्ति मिली। Post navigation NEPAL: मुस्लिम सांसद का हिंदू राष्ट्र के पक्ष में खुला समर्थन, भाट ने दिया धार्मिक सद्भाव का संदेश बरेली में 100 करोड़ के GST फर्जीवाड़े का भंडाफोड़,फरजान गिरफ्तार