लखीमपुर खीरी, संवाददाता : कुंभी में स्थापित हो रहे देश के पहले इंटीग्रेटेड बायोप्लास्टिक प्लांट को शुरू करने की तैयारियां तेज हो गई हैं। इसी क्रम में 200 टन वजनी वेसल (साइक्लाइजेशन रिएक्टर) लेकर महाबली ट्रक मंगलवार शाम खीरी में दाखिल हो गया। करीब पांच महीने पहले ओडिशा के पारादीप बंदरगाह से रवाना हुआ यह ट्रक बुधवार सुबह नकहा और इसके बाद शाम को लालपुर बैरियर के आगे तक पहुंच गया। अब करीब 50 किलोमीटर का सफर तय कर वेसल के बृहस्पतिवार तक कुंभी स्थित बलरामपुर चीनी मिल परिसर पहुंचने की उम्मीद है। इसके बाद वेसल की स्थापना का काम शुरू होगा। 3080 करोड़ रुपये की इस परियोजना में सिविल कार्य पूरा हो चुका है, जबकि प्लांट और मशीनरी की स्थापना का काम अंतिम चरण में है। प्रबंधन दिवाली से पहले संयंत्र शुरू करने की तैयारी में जुटा है। बेल्जियम में तैयार किया गया यह वेसल बायोप्लास्टिक उत्पादन संयंत्र की महत्वपूर्ण मशीनरी का हिस्सा है। इसे विशेष हाइड्रोलिक मल्टी-एक्सल ट्रेलर पर लादकर सड़क मार्ग से लाया जा रहा है। पहले इस मशीन को 308 पहियों वाले ट्रक से लाने की योजना थी, लेकिन मोड़ने में अधिक जगह की जरूरत और आवागमन में आ रही दिक्कतों के कारण पहियों की संख्या घटाकर 240 कर दी गई। विशालकाय ट्रक के बुधवार सुबह शहर की सीमा पर पहुंचने के दौरान रामापुर के पास हाईवे पर लोगों की भीड़ जुट गई। लोग मोबाइल से तस्वीरें खींचते और सेल्फी लेते नजर आए। भीड़ को नियंत्रित करने और यातायात सुचारु रखने के लिए पुलिसकर्मियों को मशक्कत करनी पड़ी। इन दानों से आगे चलकर कप, ट्रे, पैकेजिंग सामग्री, बोतल, स्ट्रॉ समेत विभिन्न उत्पाद बनाए जा सकेंगे इन दानों से आगे चलकर कप, ट्रे, पैकेजिंग सामग्री, बोतल, स्ट्रॉ समेत विभिन्न उत्पाद बनाए जा सकेंगे। इस प्रक्रिया में पेट्रोलियम आधारित कच्चे माल के स्थान पर गन्ने से प्राप्त चीनी का इस्तेमाल होगा। बलरामपुर चीनी मिल के महाप्रबंधक डॉ. सुनील कुमार यादव ने बताया कि पहले 308 पहियों वाले ट्रक से वेसल लाने की योजना थी, लेकिन मोड़ने में परेशानी के चलते पहियों की संख्या घटाई गई। वहीं, प्लांट के यूनिट हेड ललित जैन के मुताबिक, वेसल के बृहस्पतिवार तक कुंभी पहुंचने की उम्मीद है। इसके पहुंचने के बाद इंस्टालेशन का काम शुरू होगा। इसमें कितना समय लगेगा, यह मशीन आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। प्रबंधन की कोशिश है कि दिवाली से पहले संयंत्र का संचालन शुरू किया जा सके। एक नजर में परियोजनालागत: 3080 करोड़ रुपयेस्थान: कुंभी, बलरामपुर चीनी मिल परिसर क्षेत्रफल: करीब 135 एकड़शुरुआती उत्पादन क्षमता: 80 हजार टन प्रतिवर्ष आधारशिला: फरवरी 2025लक्ष्य : दिवाली से पहले संयंत्र शुरू करने की तैयारी वेसल की खासियतवजन: करीब 200 टननिर्माण: बेल्जियम लंबाई: करीब 110 फुट ऊंचाई: करीब 20 फुट ट्रेलर: 240 पहियेरवाना होने की तारीख : 14 मई, पारादीप बंदरगाह, ओडिशा Post navigation जेल में बंद है प्रेमी, टावर पर चढ़ी लड़की, उससे नहीं हुई शादी तो जान दे दूंगी