UP : 24 शादियां कर चुका है फर्जी आईएएस, अब शहर की युवती को ठगा

Gorakhpur-News

गोरखपुर, संवाददाता : यूपी के गोरखपुर में एक और फर्जी आईएएस का खुलासा हुआ है। आरोपी 24 शादियां कर चुका है। युवती के पैरालाइज्ड पिता बोले कि हम लोगों को कहीं का नहीं छोड़ा। हर दिन उसकी नई ठगी सामने आ रही है। समाज के ग्रुप में रिश्ता आया था। 

इटावा जिले के लुधियात मोहल्ले का प्रीतम कुमार निषाद खुद को आईएएस अधिकारी बताकर शहर की युवती को जाल में फंसाने से पहले 24 शादियां कर चुका है। यह जानकारी ठगी के शिकार युवती के पिता कैंट थाना क्षेत्र के मोहद्दीपुर निवासी राधेश्याम कश्यप ने पुलिस को दी। 

उनका कहना है कि जालसाज ने उनसे फर्जी पहचान के जरिये बेटी से शादी कर 15 लाख रुपये ऐंठ लिए। आरोपी ने न सिर्फ उनका आर्थिक शोषण किया, बल्कि उनकी बेटी की जिंदगी भी बर्बाद कर दी।

राधेश्याम कश्यप ने बताया कि वह पैरालिसिस के कारण बिस्तर पर हैं। आधा शरीर काम ही नहीं करता है। उनकी तीन बेटियां और एक बेटा है। दो बेटियों की शादी हो चुकी है। छोटी बेटी के लिए रिश्ता तलाशा जा रहा था। वह ग्रेजुएशन कर चुकी है। समाज के एक ग्रुप में इटावा के लुधियात मोहल्ले के रहने वाले प्रीतम का रिश्ता आया। प्रोफाइल में प्रीतम को 32 वर्षीय आईएएस अधिकारी और मनिकपुर में एसडीएम पद पर तैनात बताया गया था।

पिता ने बताया कि दिल्ली में रहने वाली बड़ी बेटी के जरिये से प्रीतम से बातचीत शुरू हुई

पिता ने बताया कि दिल्ली में रहने वाली बड़ी बेटी के जरिये से प्रीतम से बातचीत शुरू हुई। उसने फोन पर खुद को आईएएस बताते हुए भरोसा दिलाया। दिसंबर 2025 में वह गोरखपुर भी आया और परिवार से मुलाकात की। उसके व्यवहार और बातों से परिवार पूरी तरह आश्वस्त हो गया।

शक दूर करने के लिए परिवार के कुछ लोग इटावा भी गए, जहां उसने लुधियात मोहल्ले में अपना घर दिखाया। उसने बताया कि वह और उसकी बहन ही वहां रहते हैं और जल्द ही नया मकान खरीदने वाले हैं। गांव के बारे में पूछने पर उसने खुद को वहां का पहला आईएएस बताते हुए कहानी गढ़ दी।

भारत सरकार लिखी गाड़ी से पहुंचा था शहर, शादी के दिन परिजनों को हुआ शक
11 मार्च 2026 को शादी तय हुई। पहले दहेज से इन्कार करने वाले प्रीतम ने बाद में शादी खर्च के नाम पर 15 लाख रुपये ले लिए। शादी से चार दिन पहले वह भारत सरकार लिखी कार से गोरखपुर पहुंचा, उसके साथ एक असिस्टेंट भी था। वह उसके पीछे-पीछे चल रहा था। 

इससे परिवार का भरोसा और मजबूत हो गया। शादी के दिन ही संदेह की शुरुआत हो गई। रिश्तेदारों ने जब उससे तैनाती और क्षेत्र के बारे में सवाल किए तो वह संतोषजनक जवाब नहीं दे सका। इसके बाद परिवार ने उसके गांव में संपर्क किया, जहां से चौंकाने वाली जानकारी मिली कि वह कोई आईएएस नहीं, बल्कि ठग है और कई शादियां कर चुका है। 

हालांकि प्रीतम ने अपनी सफाई में पुराने इंटरव्यू का वीडियो दिखाकर परिवार को दोबारा गुमराह कर दिया और 12 मार्च को विदाई हो गई। उसी दिन उसके गांव से लगातार फोन आने लगे। उन्होंने प्रीतम के फर्जीवाड़ा का सबूत भी दिया। उन्होंने बताया कि प्रीतम गांव से भागा हुआ है। उसने कई लोगों से फर्जीवाड़ा किया है। वह पहले ही 24 शादियां कर चुका है।

इटावा पहुंचते ही खुली फर्जी आईएएस की पोल

संदेह बढ़ने पर परिवार के लोग इटावा पहुंचे। वहां सच्चाई सामने आ गई। घर की हालत बेहद खराब थी, यहां तक कि शौचालय तक नहीं था। कड़ाई से पूछताछ में प्रीतम ने कबूल किया कि वह आईएएस नहीं है और एक निजी कंपनी में काम करता है। पीड़ित पिता ने बताया कि इटावा के एकदिल थाने में पहले से ही उसके खिलाफ दो मामले दर्ज हैं।

गोरखपुर लौटकर उन्होंने कैंट थाने में भी शिकायत दर्ज कराई है। राधेश्याम ने कहा कि उसने हमारी मजबूरी का फायदा उठाया। पैसे भी ले गया और बेटी की जिंदगी भी बर्बाद कर दी। अब उसे सजा दिलाकर ही चैन लेंगे।

पिता ने बताया कि 11 मार्च को कैंट क्षेत्र के एक मैरिज हाउस से शादी होनी थी

पिता ने बताया कि 11 मार्च को कैंट क्षेत्र के एक मैरिज हाउस से शादी होनी थी। वहीं बरात के ठहरने के लिए एक होटल बुक किया था। शादी वाले दिन दोपहर बाद बरात आई। होटल में दूल्हा और बराती ठहरे थे। हमारे कुछ रिश्तेदार बाहर से आए थे। उन लोगों को जब पता चला कि लड़का आईएएस है तो मिलने होटल चले गए। वहां पर काफी देर तक बातचीत हुई। प्रीतम से उन्होंने पूछा कि कहां पर तैनात हैं, तो उसने मनिकपुर का नाम लिया। 

बताया कि इटावा से 500 किमी दूर यूपी दिल्ली बॉर्डर पर है। रिश्तेदारों ने प्रीतम के घर इटावा के बारे में पूछा लेकिन कुछ नहीं बता पाया। इससे रिश्तेदार बहुत संतुष्ट नहीं थे। इन सब के बीच रातभर शादी का कार्यक्रम चला। पिता ने बताया कि सुबह उनके भतीजे और रिश्तेदार ने बड़ी बेटी से उसके समाज के ग्रुप के बारे में पूछा। जहां से प्रोफाइल आई थी, उनका नंबर लिया। 

फिर उनसे दूल्हे के गांव का नंबर लेकर फोन किया। फोन पर प्रीतम के पटीदारों से बात हुई। उन्होंने बताया कि वह कोई आईएएस नहीं है। वह फर्जीवाड़ा करता है। इतना सुनते ही भतीजे ने विदाई रुकवा दी। बाद में उसने कुछ और कहानियां गढ़ कर अपने को पाक-साफ बताया। इसके बाद बेटी की विदाई कर दी गई।

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