नई दिल्ली, एंटरटेनमेंट डेस्क : वो स्टार जिसने सालों साल दर्शकों का दिल जीता, दर्शकों का मनोरंजन किया। वही स्टार आज जिंदगी के उस मोड़ पर है, जहां वो बेबस है और लाचार है। हम बात कर रहे हैं सिनेमा के जाने माने एक्टर राजपाल यादव की। वही राजपाल यादव जो अपनी कॉमेडी से सालों साल दर्शकों का दिल जीतते रहे हैं।
छोटे कद के इस बड़े कलाकार की जिंदगी में 9 करोड़ का जाल ऐसा उनके गले की फांस बना कि मानो उनकी जिंदगी सिनेमा के पर्दे से सलाखों की दहलीज तक आ गई। बदनसीबी तो यह है कि जिस सिनेमा में रहकर उन्होंने सालों साल नाम कमाया, आज उसी सिनेमा के लोग मानो उनसे मुंह मोड़े खड़े हैं और लोग यही सवाल कर रहे हैं कि आखिर सिनेमा के लोगों ने इस मुश्किल घड़ी में राजपाल का हाथ क्यों नहीं थामा है।
आज हम आपको राजपाल (Rajpal Yadav Case) के इस केस की पूरी इनसाइड स्टोरी बताएंगे और समझाएंगे कि कैसे 9 करोड़ का जाल उनके जी का जंजाल बन गया।
फिल्म बनाने के लिए राजपाल ने लिया 5 करोड़ का कर्ज
राजपाल यादव के जेल में पहुंचने की शुरूआत की कहानी को जानने के लिए आपको लगभग 16 साल पहले जाना होगा। साल 2010 में राजपाल यादव ने डायरेक्टर बनने का फैसला किया था। राजपाल यादव (Rajpal Yadav Debt) ने बतौर निर्देशक अपनी पहली फिल्म ‘अता पता लापता’ (Rajpal Yadav Movi) को साल 2012 में रिलीज किया।
इस फिल्म के लिए दिल्ली की एक कंपनी ‘मुरली प्रोजेक्ट्स’ से 5 करोड़ रुपये का लोन लिया था। राजपाल उस दौर में कई फिल्में कर चुके थे और बड़ा नाम भी थे, ऐसे में उन्हें लगा कि शायद वो फिल्ममेकिंग में हाथ आजमाए और उन्होंने अता पता लापता नाम की फिल्म बनाई। लंबे इंतजार के बाद साल 2012 में फिल्म आई भी, लेकिन अफसोस ये फिल्म फ्लॉप हो गई।
कौन सी थी वो फिल्म ?
फिल्म अता पता लापता को बनाने के लिए राजपाल ने खुद डायरेक्शन का जिम्मा संभाला था। इसके अलावा इस फिल्म के लिए प्रोड्क्शन के काम के साथ-साथ वो फिल्म के लीड हीरो भी खुद ही थे। इस फिल्म में राजपाल यादव के अलावा असरानी, ओमपुरी, शरत सक्सेना, विजय राज, मनोज जोशी और आशुतोष राणा जैसे कलाकार थे।
फिल्म को राजपाल ने अपनी पत्नी राधा यादव के नाम पर प्रोड्यूस किया था। बॉक्स ऑफिस इंडिया रिपोर्ट के मुताबिक, करीब 11 करोड़ में बनी ये फिल्म भारत में सिर्फ 34 लाख रुपए कमा पाई थी। वहीं वर्ल्डवाइड फिल्म महज 42 लाख ही कमा पाई थी। इस फिल्म ने राजपाल की लुटिया डुबो दी थी और यह फिल्म बॉक्स ऑफिस मुंह के बल गिरी थी।
कर्ज चुकाने में असफल और फिर जेल गए राजपाल
फिल्म बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप हुई तो राजपाल ने जो कर्जा लिया, उसे वो चुकाने में असमर्थ रहे। राजपाल ने जो चेक दिए, वो बैंक में बाउंस हो गए। इसके बाद फिर कानूनी लड़ाई शुरू हो गई। कानूनी लड़ाई शुरू हुई तो साल 2013 में ही राजपाल यादव को कोर्ट ने 10 दिन की सजा सुनाई, जिसके चलते राजपाल ने 4 दिन जेल (Rajpal Yadav Jail) में बिताए।
दिल्ली की एक अदालत ने उन्हें और उनकी पत्नी को चेक बाउंस के 7 मामलों में दोषी करार दिया और 6 महीने की सजा सुनाई। अप्रैल 2018 में एक मजिस्ट्रेट कोर्ट ने उन्हें और उनकी पत्नी राधा को परक्राम्य लिखत अधिनियम की धारा 138 के तहत दोषी ठहरा दिया।
शिकायतकर्ता को जारी किए गए सात चेक बाउंस होने के बाद, एक्टर को छह महीने के जेल की सजा सुनाई गई, जिसमें करीब 3 महीने वो सिविल जेल में रहे। हालांकि इसे 2019 की शुरुआत में एक सत्र न्यायालय ने बरकरार रखा।
खत्म नहीं हुईं राजपाल की मुश्किलें
राजपाल यादव ने कोर्ट से और वक्त मांगा की आने वाले दिनों में वो ये राशि चुका देंगे। राजपाल यादव ने दिल्ली हाई कोर्ट में रिवीजन पिटीशन दायर की, लेकिन ये राहत ज्यादा दिनों के लिए नहीं थी। कोर्ट द्वारा राजपाल की सजा को इस शर्त पर निलंबित कर दिया कि वे समझौते के तहत बकाया राशि चुकाएंगे।
कोर्ट ने उन्हें ‘आदतन अपराधी’ नहीं माना और सुधरने का मौका दिया। जून 2024 में, उच्च न्यायालय ने उनकी सजा को अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया और उनसे लगभग 9 करोड़ रुपये के बकाया कर्ज को चुकाने के लिए कहा। हालांकि राजपाल बार-बार आश्वासन देते रहे पर अफसोस वो बकाया राशि नहीं चुका सके।
वो आखिरी मोहलत और फिर जेल गए राजपाल
आखिरकार साल 2025 आया जब अक्टूबर के महीने तक राजपाल यादव ने कोर्ट में 75 लाख रुपए जम किए, लेकिन कोर्ट ने नोट किया कि ब्याज और जुर्माने के साथ अब भी 9 करोड़ रुपये बकाया हैं। उधर राजपाल ने कहा था कि वो बकाया राशि दे रहे हैं और फिर से इसमे देरी हुई।
क्यों चुप है बॉलीवुड ?
ये पहली बार नहीं है जब चेक बाउंस मामले और इस केस के चलते राजपाल यादव जेल गए हैं। हालांकि बार बार लोगों के दिल में सवाल यही आया है कि आखिर 27 सालों से सिनेमा में काम कर रहे राजपाल यादव को क्या वाकई में 9 करोड़ रुपए की राशि कोई प्रदान नहीं करवा पाया ?
