कानपुर , संवाददाता : Kanpur News : जिस उम्र में बच्चे अपना कोर्स भी ठीक से नहीं पढ़ पाते उस उम्र में शाल्व शुक्ला ने संस्कृत के तीन पाठों को मुंह जबानी याद कर अपना नाम इंडिया बुक ऑफ रिकाडर्स में दर्ज कराया है। सीनियर केजी के छात्र शाल्व को शिव तांडव स्तोत्रम्, शिव रुद्राष्टकम और हनुमान चालिसा कंठस्थ है। उन्होंने तीनों पाठों को बिना किसी त्रुटि के धारा प्रवाह सुनाकर राष्ट्र स्तर पर नया कीर्तिमान स्थापित किया है। गोविंद नगर के ऋषभ शुक्ला, पत्नी चित्रा दीक्षित और बेटे शाल्व के साथ इस समय पुणे में रह रहे हैं। ऋषभ कहते हैं कि घर का माहौल भक्तिमय है। उनके घर पर अक्सर इन सभी पाठों का जाप होता है। रुद्राभिषेक के दौरान भी शाल्व पूरी तरह से समर्पित रहता है। उन्होंने बेटे को कभी पाठ याद नहीं कराया। उसने सुन सुनकर ही इसे कंठस्थ किया। साढ़े तीन साल की उम्र में उसने हनुमान चालिसा कंठस्थ कर ली थी। फिर शिव तांडव स्तोत्रम्, शिव रुद्राष्टकम का पाठ कंठस्थ किया। ऋषभ कहते हैं कि रिकार्डस के बारे में तो बाद में जानकारी हुई। करीब चार साल की उम्र से ही शाल्व को यह सब कंठस्थ है Post navigation रामायण में ‘मारीच’ बन इस अभिनेता ने यूजर्स को किया दंग IAS रिंकू सिंह ने भ्रष्टाचार को खुलेआम संरक्षण, ईमानदारी से काम करना मुश्किल