आगरा, संवाददाता : आगरा के एकता चौकी क्षेत्र में एसटीएफ और पुलिस की मुठभेड़ में 18 से अधिक मामलों में वांछित 50 हजार का इनामी शूटर पवन उर्फ कल्लू मारा गया। वह जेल में हिमांशु भाऊ गैंग के संपर्क में आया था और लॉरेंस गैंग की तर्ज पर आगरा में अपना नेटवर्क खड़ा कर रहा था। 18 से अधिक आपराधिक मामलों के आरोपी और 50 हजार रुपये के इनामी शूटर पवन उर्फ कल्लू को एसटीएफ और आगरा पुलिस ने एकता चौकी क्षेत्र में हुई मुठभेड़ में शुक्रवार रात ढेर कर दिया। पवन कुख्यात रणदीप भाटी और अमित कसाना गैंग का सदस्य था। उसके पैर और सीने में गोली लगी। शूटर पवन को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इनामी शूटर पवन गाजियाबाद के थाना लोनी के सिरौली का निवासी था।मुठभेड़ करने वाली एसटीएफ टीम के मुताबिक, शूटर पवन पर आगरा कमिश्नरेट के थाना ताजगंज में रंगदारी के मामले में 50,000 रुपये का इनाम घोषित था। उस पर हत्या के 4 और रंगदारी के 2 मुकदमों समेत कुल 18 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं। वर्ष 2021 में एक हत्या के मामले में इस पर 1 लाख रुपये का इनाम भी रह चुका है, जिसके बाद दिल्ली पुलिस ने इसे जेल भेजा था। बाइक सवार दो युवकों ने फायरिंग कर दी। जवाबी फायरिंग में एक आरोपी को गोली लगी, जबकि उसका साथी भाग निकला एसटीएफ नोएडा यूनिट और आगरा पुलिस को एकता चौकी क्षेत्र में बड़ी वारदात की सूचना मिली थी, जिस पर पुलिस ने चेकिंग शुरू की। इसी दौरान बाइक सवार दो युवकों ने फायरिंग कर दी। जवाबी फायरिंग में एक आरोपी को गोली लगी, जबकि उसका साथी भाग निकला। आरोपी की पहचान पवन उर्फ कल्लू के रूप में हुई है। जेल में बना हिमांशु भाऊ गैंग का मोहराडीसीपी सिटी सय्यद अली अब्बास ने बताया कि जांच में सामने आया है कि जेल में रहने के दौरान पवन हरियाणा के कुख्यात हिमांशु भाऊ गैंग के संपर्क में आ गया था। 2021 में हत्या के आरोप में दिल्ली से जेल गया था। वर्ष 2025 में जेल से छूटने के बाद उसने फिर से बड़े पैमाने पर रंगदारी मांगना शुरू कर दिया था। वह दिल्ली और पश्चिमी यूपी में किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में था। पुलिस से लूटी गई 9 एमएम की पिस्टल भी बरामदमुठभेड़ में 10 साल पहले पुलिस से लूटी गई 9 एमएम की पिस्टल भी बरामद की गई है। इसे पवन ने वर्ष 2016 में थाना बिसरख (गौतमबुद्ध नगर) क्षेत्र से कांस्टेबल मोनू धीमन से लूटी थी। तब मोनू धीमन एडीजे की सुरक्षा में पीएसओ के रूप में तैनात थे। लॉरेंस गैंग की तरह बना रहा था गैंगपुलिस को जानकारी मिली है कि पवन लॉरेंस गैंग की तर्ज पर काम कर रहा था। आरोपी इंस्टाग्राम और अन्य सोशल मीडिया पर बेरोजगार और नए दबंग युवकों की तलाश करता था। उसने आगरा में अपना नेटवर्क बना रखा था। लालच देकर उसने कई कारोबारियों को धमकाया था। पुलिस अब उसके संपर्क में आए अपराधियों की तलाश कर रही है। डीसीपी वेस्ट और साइबर क्राइम प्रभारी आदित्य कुमार को इसकी जिम्मेदारी दी गई है। Post navigation Indore : जिसे समझती रही करण वो निकला जावेद… जगदलपुर : नारायणपुर में नक्सलियों के हथियारों का जखीरा बरामद