धमतरी,संवाददाता : Dhamtari news : धमतरी जिले में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी सुचारू रूप से जारी है। अब तक 65,891 किसानों से 3.15 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी हुई है। 663 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान किया जा चुका है। अवैध धान पर सख्त कार्रवाई की जा रही है।
धमतरी में कलेक्टर अबिनाश मिश्रा के निर्देश पर जिले में खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन हेतु व्यापक तैयारियां की गई हैं। जिले की 74 प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों एवं आदिम जाति सेवा सहकारी समितियों के माध्यम से कुल 100 धान उपार्जन केंद्र संचालित किए जा रहे हैं। इसके अंतर्गत कुल 1,29,351 किसानों का 1,26,875.62 हेक्टेयर रकबा पंजीकृत किया गया है, जिनमें 74,106 सीमांत, 52,810 लघु तथा 2,436 दीर्घ कृषक शामिल हैं।
पंजीकृत किसानों में से 15 नवंबर 2025 से 28 दिसंबर 2025 तक कुल 65,891 किसानों से 3,15,872.76 मीट्रिक टन धान की खरीदी की जा चुकी है। खरीदे गए धान की राशि का भुगतान किसानों को निरंतर किया जा रहा है। अब तक 58,360 किसानों को 663.53 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है।
जिले के सभी धान उपार्जन केंद्रों में खरीदी की प्रक्रिया सुव्यवस्थित ढंग से संचालित हो रही है
जिले के सभी धान उपार्जन केंद्रों में खरीदी की प्रक्रिया सुव्यवस्थित ढंग से संचालित हो रही है। धान खरीदी की सतत निगरानी एवं मॉनिटरिंग के लिए सभी 100 उपार्जन केंद्रों पर जिला स्तरीय अधिकारियों को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है, जो प्रति सप्ताह व्यवस्थाओं की समीक्षा कर रहे हैं। समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के दौरान कोचियों एवं बिचौलियों द्वारा अवैध भंडारण एवं परिवहन की रोकथाम के लिए जिला एवं तहसील स्तर पर राजस्व, कृषि, खाद्य, सहकारिता एवं कृषि उपज मंडी विभाग के अधिकारियों की संयुक्त उड़नदस्ता टीम गठित की गई है। अंतरराज्यीय अवैध धान परिवहन रोकने के लिए ओडिशा सीमा से लगे बोराई (घुटकेल), बांसपानी, बनरौद एवं सांकरा में चेक पोस्ट स्थापित किए गए हैं।
धान के मिलिंग कार्य हेतु जिले में अब तक 169 राइस मिलों का पंजीयन किया गया है। इनमें से 160 राइस मिलों को 8,00,208 मीट्रिक टन धान उठाव की अनुमति दी गई है, जिनमें 7,17,488 मीट्रिक टन का अनुबंध हो चुका है। अब तक 98 राइस मिलों द्वारा 86,254.6 मीट्रिक टन धान का उठाव किया जा चुका है।
कलेक्टर के सख्त निर्देशानुसार अवैध धान परिवहन एवं भंडारण के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी है। उड़नदस्ता दलों द्वारा अब तक 126 प्रकरण दर्ज कर मंडी अधिनियम 1972 के तहत 6,907.70 क्विंटल धान और दो वाहन जब्त किए गए हैं। वहीं, छत्तीसगढ़ कस्टम मिलिंग चावल उपार्जन आदेश 2016 के उल्लंघन पर 22,866.8 क्विंटल धान जब्त कर प्रकरण न्यायालय में प्रस्तुत किए गए हैं।
