नई दिल्ली, नई दिल्ली : केंद्र सरकार ने भारत 6G मिशन के लिए भारत 6G गठबंधन (Bharat 6G Alliance – B6GA) के तहत 7 खास वर्किंग ग्रुप बनाए थे। इन ग्रुप्स ने अपनी प्रगति और भविष्य के प्लान (रोडमैप) को मंगलवार को एक बैठक में पेश किया। इस तिमाही समीक्षा बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने की। मंत्री सिंधिया ने जोर दिया कि B6GA के सातों वर्किंग ग्रुप – जैसे टेक्नोलॉजी, स्पेक्ट्रम, डिवाइस, एप्लिकेशन और टिकाऊपन (Sustainability) को आपस में तालमेल बिठाकर काम करना होगा, ताकि नए आविष्कार बड़े स्तर पर सफल हो सकें। उन्होंने कहा कि ग्रुप्स को हर महीने संयुक्त समीक्षा बैठक करनी चाहिए, ताकि एक ग्रुप की तरक्की का फायदा दूसरे ग्रुप को मिल सके। स्पेक्ट्रम नीति भारत की 6G रणनीति का केंद्र होगी सिंधिया ने बताया कि स्पेक्ट्रम नीति भारत की 6G रणनीति का केंद्र होगी। भारत ने पहले ही कई महत्वपूर्ण स्पेक्ट्रम की अदला-बदली (refarming) की है, और आगे भी इसकी योजना है। उन्होंने कहा कि 6G के लिए लंबी अवधि की राष्ट्रीय स्पेक्ट्रम नीति बनाने के लिए दुनिया भर के रुझानों को समझना बहुत ज़रूरी है। डिवाइस (जैसे मोबाइल, उपकरण) पर बात करते हुए, मंत्री ने डिज़ाइन से लेकर मैन्युफैक्चरिंग (निर्माण) तक की पूरी वैल्यू चेन को समझने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि भारत को बड़ी संख्या में डिवाइस बनाने के साथ-साथ उन्हें किफायती भी रखना होगा, क्योंकि भारत का बाज़ार यूरोप या अमेरिका से अलग है। लागत कम करने और उत्पादन तेज़ी से बढ़ाने के लिए उन्होंने मानकीकृत डिवाइस फ्रेमवर्क (standardised device frameworks) को खोजने के लिए प्रोत्साहित किया। सिंधिया ने इस बात पर ख़ास ज़ोर दिया कि भारत को उद्यमियों (entrepreneurs), शिक्षाविदों और इंडस्ट्री को एक साथ लाना चाहिए। उन्होंने कहा कि 6G का इस्तेमाल (Use Cases) केवल वैश्विक मॉडल पर आधारित नहीं होना चाहिए, बल्कि भारतीय ज़रूरतों के हिसाब से तय होना चाहिए। भारत 6G गठबंधन (B6GA) का लक्ष्य 6G टेक्नोलॉजी के स्वदेशी डिज़ाइन मंत्री ने दोहराया कि भारत की 6G यात्रा सिर्फ टेक्नोलॉजी में आगे बढ़ने के लिए नहीं है, बल्कि यह एक आत्मनिर्भर इकोसिस्टम बनाने के लिए है, जिसका फायदा देश के नागरिकों, इंडस्ट्री और पूरी दुनिया को मिले। भारत का 6G मिशन भारतीय नवाचार से पैदा होना चाहिए। भारत 6G गठबंधन (B6GA) का लक्ष्य 6G टेक्नोलॉजी के स्वदेशी डिज़ाइन, विकास और इस्तेमाल को बढ़ावा देना है। मंत्री सिंधिया ने भारत 6G मिशन के मुख्य उद्देश्य भी बताए, जिनमें साफ़, चरणबद्ध लक्ष्य तय करना, B6GA के साथ मिलकर काम करना, रिसर्च के मुख्य क्षेत्रों की पहचान करना, और हर तीन महीने में प्रगति की समीक्षा करना शामिल है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत को ग्लोबल स्टैंडर्ड्स को केवल अपनाना नहीं, बल्कि उन्हें आकार देना है। भारत का लक्ष्य उन्नत संचार में वैश्विक नेता बनना और किफायती 5G और 6G सिस्टम के लिए उत्पादों का बड़ा सप्लायर बनना है। Post navigation Human Rights Day : राष्ट्रपति मुर्मु NHRC के कार्यक्रम की करेंगी अध्यक्षता PM Modi ने शहीद दिवस पर असम आंदोलन के वीरों को किया नमन