नई दिल्ली, एंटरटेनमेंट डेस्क : हिंदी सिनेमा अपनी शानदार फिल्मों के द्वारा दशकों से फैंस का मनोरंजन करता आ रहा है। फिल्मो की अनोखी कहानी और उनके नाम को लेकर हमेशा से सुर्खियों का बाजार गर्म रहा है। खासतौर पर त्योहार के नाम पर फिल्म के टाइटल लंबे समय से चर्चा का विषय बने रहे हैं।
जबकि फेस्टिवल के नाम पर फिल्मों के टाइटल का ट्रेंड मेकर्स के लिए फायदे का सौदा रहा है या नहीं, आज उसी प्रकरण का जिक्र इस लेख में किया जाएगा। इसके साथ ही हम आपको बताएंगे कि वो कौन सी फिल्मे हैं, जिनके नाम त्योहारों से लेकर रखे गए हैं।
होली (Holi)
इस लिस्ट में पहला नाम फिल्म ‘होली’ का आता है। वर्ष 1984 को निर्देशक केतन मेहता के डायरेक्शन में बनी इस फिल्म में आमिर खान, नसीरुद्दीन शाह, आशुतोष गोवारिकर, राहुल राणाडे, ओम पुरी और दीप्ती नवल जैसे कई कलाकार मौजूद रहे। इस फिल्म के द्वारा बतौर लीड एक्टर आमिर ने हिंदी सिनेमा में कदम रखा, जबकि कई लोगों को ऐसा लगता है कि 1988 में आई ‘कयामत से कयामत तक’ फिल्म आमिर की डेब्यू फिल्म है।
होली में आमिर ने मदन शर्मा का किरदार अदा किया और पहली फिल्म में अपनी शानदार एक्टिंग से उन्होंने हर किसी को प्रभावित किया। दिलचस्प बात ये है कि पहली ही फिल्म होली में आमिर ने लिप लॉक सीन देखकर जमकर सुर्खियां बटोरीं। जबकि कमर्शियल तौर पर आमिर खान के ये फिल्म कुछ खास कमाल नहीं दिखा सकी। जबकि कहा ये जाता है कि अभिनेता की इस मूवी से त्योहारों पर फिल्मों के नाम का ट्रेंड शुरू हो गया था।
भैया दूज
रामानंद सागर की ‘रामायण’ में कैकई का किरदार अदा करने वालीं एक्ट्रेस पद्मा खन्ना की फिल्म ‘भैया दूज’ का टाइटल फेस्टिवल पर आधारित है। डायरेक्टर कमर नरवी के निर्देशन में ये मूवी साल 1985 में सिनेमाघरों में रिलीज हुई।पद्मा खन्ना के अलावा ‘भैया दूज’ में गौरी खुराना, सुजीत कुमार और राकेश पांडे मुख्य भूमिकाओं में रहे। कमाई के मामले में ये मूवी उतनी अधिक प्रभावशाली नहीं रही।
