चंपावत-पिथौरागढ़ एनएच किनारे खतरा बने पेड़ों के चिह्नीकरण का कार्य शुरू

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लोहाघाट (चंपावत), संवाददाता : चंपावत-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग किनारे खतरा बने पेड़ों के निस्तारण की कार्यवाही शुरू हो गई है। ये पेड़ एनएच पर वाहनों के लिए खतरा बने हुए हैं। वर्षा में इनके गिरने का खतरा बना रहता है। प्रशासन के निर्देश पर वन विभाग ने एनएच किनारे पहाड़ी पर खतरा बने पेड़ों के निस्तारण के लिए उनका चिह्नीकरण शुरू कर दिया है।

वन दरोगा नंदा बल्लभ भट्ट के नेतृत्व में वन विभाग की टीम ने मानेश्वर से मरोड़ाखान राष्ट्रीय राजमार्ग किनारे खतरा बने पेड़ों को चिह्नित करने का कार्य शुरू कर दिया है। बताया गया कि पहले चरण में खूना नाप भूमि और वन पंचायत में 22 पेड़ और बनगांव वन पंचायत में 12 पेड़ों को चिह्नित किया गया है।

पेड़ों के चिह्नीकरण के बाद इसकी रिपोर्ट एसडीएम के माध्यम से प्रभागीय वनाधिकारी को भेजी जाएगी। इसके बाद निस्तारण की अनुमति मिलने के बाद खतरा बने पेड़ों का निस्तारण किया जाएगा। टीम में वन बीट अधिकारी भास्कर नैनवाल, संजय रावत और अनीश सम्मिलित रहे।

आवासीय बस्ती के लिए खतरा बने पेड़ों को कटवाने की मांग
बनबसा (चंपावत)। निवर्तमान नगर पंचायत अध्यक्ष रेनू अग्रवाल ने वार्ड संख्या चार, पांच और छह में आवासीय बस्ती के लिए खतरा बने हरे पेड़ों को कटवाने की मांग की है। इस संबंध में उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को ज्ञापन भेजा है। ज्ञापन में कहा गया है कि उक्त वार्डों में लगे विशाल हरे पेडों से कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। उन्होंने मुख्यमंत्री से जनहित में बस्ती में लगे खतरनाक बन चुके पेड़ों को कटवाने या लाॅपिंग कराने मांग की है।

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