प्रयागराज, संवाददाता : महाकुंभ में आने वाले श्रद्धालुओं में से प्रत्येक ने स्नान घाट पर औसतन 45 मिनट बिताए। रेडियो फ्रिक्वेंसी रिस्ट बैंड के जरिये जुटाए गए डाटा से यह खुलासा हुआ। इसके अलावा आरएफ रिस्ट बैंड से जुटाए गए डाटा का उपयोग मेले में आने वाले श्रद्धालुओं की कुल संख्या की गिनती में भी काम आई। महाकुंभ मेले में आने वाले श्रद्धालुओं की वास्तविक संख्या पता लगाने के लिए इस बार तीन तरीकों का इस्तेमाल किया जा रहा है। इनमें से एक आरएफ रिस्ट बैंड डाटा एनालिसिस भी है। इसमें श्रद्धालुओं को अपनी कलाई में एक रिस्ट बैंड बांधने के लिए दिया गया। आरएफ आईडी चिप युक्त रिस्ट बैंड से एकत्रित किए गए डाटा से पता चला कि मेले में मकर संक्रांति व पौष पूर्णिमा पर आए श्रद्धालुओं में से प्रत्येक ने औसतन 45 मिनट का समय स्नान घाट पर बिताया। यह समय पहुंचने से लेकर स्नान के बाद घाट से वापसी में लगा। भीड़ प्रबंधन में मिलेगी मदद पुलिस अफसरों का कहना है कि घाट पर श्रद्धालुओं की ओर से औसतन बिताए गए समय का पता लगने से भीड़ प्रबंधन में मदद मिलेगी। इसी आधार पर मेले में श्रद्धालुओं के प्रवेश व निकास के संबंध में निर्णय लिया जा सकेगा। यह तय किया जा सकेगा कि कब सामान्य यातायात योजना से आवागमन कराया जाना है और कब आपातकालीन यातायात योजना लागू की जानी है। एसएसपी राजेश कुमार द्विवेदी ने बताया कि आरएफ रिस्ट बैंड डाटा एनालिसिस तकनीक से मिले परिणामों के जरिये भीड़ प्रबंधन में मदद मिलेगी। चार दिन में पांच लाख लोगों ने शटल बसों में मुफ्त फ्री किया सफरचार दिनों में रोडवेज की शटल बसों में तकरीबन पांच लाख यात्रियों ने मुफ्त यात्रा की। रविवार से शुरू हुई सेवा बुधवार रात 12 बजे तक जारी रही। इस अवधि में सर्वाधिक 2.50 लाख यात्रियों ने मकर संक्रांति पर सफर किया। यूपी रोडवेज के क्षेत्रीय प्रबंधक एमके त्रिवेदी ने बताया कि अब मौनी अमावस्या के एक दिन पहले शटल बसों में फ्री सफर की सौगात यात्रियों को मिलेगी। बृहस्पतिवार से इन बसों में सामान्य दिनों की तरह से यात्रियों को किराया देना होगा। सभी 200 ई बसें अपने निर्धारित रूटों पर संचालित होंगी। 1932 के बाद प्रयागराज एयरपोर्ट से पहली बार उड़ी इंटरनेशनल फ्लाइट बताया जा रहा है कि जॉब्स अगले कुछ दिन भूटान में ही प्रवास करेंगी। महाकुंभ में इस बार कुछ देशों से प्रवासी भारतीय एवं विदेशी नागरिक विमान से सीधे प्रयागराज आ सकते हैं। इसी वजह से एयरपोर्ट पर पहली बार इमिग्रेशन विभाग के भी कर्मचारियों की तैनाती हुई है। 1932 में प्रयागराज से लंदन के लिए विमान का संचालन हुआ था। इसके 93 वर्ष बाद बुधवार को प्रयागराज एयरपोर्ट से इंटरनेशनल फ्लाइट रवाना हुई। यह विमान अमेरिका की अरबपति महिला उद्यमी लॉरेन पॉवेल जॉब्स के लिए यहां पहुंचा। इस विमान ने भूटान के लिए उड़ान भरी। कर्मचारियों की नई टर्मिनल बिल्डिंग में हुई तैनातीनई टर्मिनल बिल्डिंग में ही इनकी तैनाती महाकुंभ मेला अवधि के लिए की गई है। इसी बीच रॉयल भूटान एयरलाइंस का विमान बुधवार सुबह जब लैंड हुआ तो तमाम कर्मचारी उसे देख अचंभित हो गए। इसके आने की खबर चुनिंदा लोगों को ही थी। बाद में मालूम पड़ा कि उक्त विमान से लॉरेन पॉवेल जॉब्स को रवाना होना है। कुछ ही देर में लॉरेन पॉवेल जॉब्स एयरपोर्ट पहुंचीं। वहां एयरपोर्ट निदेशक मुकेश उपाध्याय से उनकी मुलाकात हुई। इमिग्रेशन विभाग की औपचारिकता पूरी होने के बाद लॉरेन पॉवेल का विमान प्रयागराज से सीधे भूटान के लिए रवाना हो गया। 1932 से पहले लंदन के लिए थी सीधी फ्लाइट ब्रिटिश हुकूमत के दौरान प्रयागराज से इंटरनेशनल विमान संचालित हुआ करते थे। 1932 तक यहां से लंदन के लिए सीधी फ्लाइट थी। फिलहाल 93 वर्ष के अंतराल के बाद प्रयागराज एयरपोर्ट से बुधवार 15 जनवरी को इंटरनेशनल फ्लाइट संचालित हुई। हालांकि, इस विमान से सिर्फ लॉरेन पॉवेल जॉब्स और उनके कुछ सहयोगी ही रवाना हुए। Post navigation ICC Champions Trophy 2025 के टिकटें सस्ते दाम पर ट्रंप के शपथ से पहले हिंडनबर्ग की दुकान बंद, Adani पर लगायें थे आरोप