अलीगढ़, संवाददाता : लोक आस्था के प्रतीक महापर्व छठ की छटा चारों ओर बिखर चुकी है। कांच ही बांस के बहंगिया, बहंगी लचकत जाए, पहिले-पहिल बानी कइल हे छठ मैया, हे छठ मैया दई दे आशीष अपार … जैसे गीतों के साथ व्रतियों ने छठ मैया की आराधना करते हुए उन्हें मनाना शुरू कर दिया है। रविवार को व्रती महिलाओं ने खरना पर अखंड व्रत का संकल्प लिया। आज डूबते सूर्य को अर्घ्य देंगी।
महापर्व छठ के दूसरे दिन रविवार को शाम होते ही शहर में रहने वाले पूर्वांचलियों के घरों में छठ मैया के गीत चहुंओर गूंज उठे। पहले दिन नहाय-खाय के साथ शुरू हुए व्रत के दूसरे दिन खरना पर व्रती महिलाओं ने अर्घ्य देने के लिए डाला की तैयारियां पूरी कर लीं। शहर के टीकाराम मंदिर, बदरबाग, रेलवे काॅलोनी, क्वार्सी, सुदामापुरी, बारहद्वारी, सारसौल, एटा चुंगी आदि स्थानों पर शहर में रह रहे पूर्वी उत्तर प्रदेश और बिहार के लोगों ने डाला की तैयारियों के साथ ही गन्ना, सिंघाड़ा, केला, सेब, अमरूद, मूली, शकरकंद आदि की खरीदारी कर अस्त होते सूर्यदेव को अर्घ्य देने की तैयारियां की गई है।
महिलाओं ने अखंड व्रत का संकल्प लेकर 36 घंटे का निर्जला व्रत शुरू कर दिया
महिलाओं ने अखंड व्रत का संकल्प लेकर 36 घंटे का निर्जला व्रत शुरू कर दिया। व्रती महिलाएं सोमवार को अस्त होते सूर्यदेव को अर्घ्य देंगीं। जबकि मंगलवार को तड़के तीन बजे से वेदी पर मां का पूजन शुरू हो जाएगा और उदय होते सूर्यदेव को अर्घ्य के साथ ही व्रत का समापन होगा।
छठी मां हर संकट को हर लेती हैं। मनौती करेंगी कि सभी का कल्याण करें और जीवन को सुख-समृद्धि से भर दें।– ममता, बदरबाग
हर बार छठ महापर्व का इंतजार रहता है। इस बार भी पूरे परिवार के साथ पूजन करेंगी और अस्त व उदय होते सूर्यदेव को अर्घ्य देंगी।– रानी उपाध्याय, तालानगरी
यहां सजेंगे घाट
छठ महापर्व पर मंदिर में सामूहिक अर्घ्य का कार्यक्रम होगा, इसके लिए सारी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। शहर के टीकाराम मंदिर, बदरबाग कॉलोनी, कुलदीप बिहार, एटा चुंगी में घाट की तैयारी की गई है। घाट पर पहुंचने वाली व्रती अपने-अपने घरों में पूजन की तैयारियों में जुटी रहीं। घाट पर शहर के कोने-कोने से व्रती छठ मइया के गीत गाते हुए घाट पर पहुंचती हैं।
