बीजापुर ,संवाददाता : सुरक्षाबलों ने मुठभेड़ स्थल से भारी मात्रा में हथियार और विस्फोटक सामग्री भी बरामद की है। बरामदगी में दो इंसास राइफलें (68 कारतूस सहित), एक 9 एमएम कार्बाइन, एक .303 रायफल, एक सिंगल शॉट रायफल, एक 12 बोर की बंदूक आदि गोला-बारूद बरामद किया है।
छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में सुरक्षाबलों को नक्सलियों के खिलाफ एक बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। जिले के नेशनल पार्क क्षेत्र के कांदुलनार, कचलारम और गुज्जाकोंटा के जंगलों में पुलिस और नक्सलियों के बीच हुई भीषण मुठभेड़ में 27 लाख रुपये के इनामी छह खूंखार नक्सली मारे गए हैं। इस संयुक्त अभियान को डीआरजी बीजापुर, डीआरजी दंतेवाड़ा और एसटीएफ की टीमों ने अंजाम दिया।
ढेर हुए नक्सलियों की पहचान और उन पर दर्ज मामले
सुरक्षाबलों को डीकेएसजेडसीएम पापाराव, मद्देड़ एरिया कमेटी इंचार्ज डीवीसीएम कन्ना उर्फ बुचन्ना, डीवीसीएम उर्मिला, डीवीसीएम मोहन कड़ती सहित पश्चिम बस्तर डिवीजन के करीब 50 से 60 माओवादियों के एक बड़े समूह की मौजूदगी की सूचना मिली थी। इस सूचना पर कार्रवाई करते हुए सुरक्षाबलों ने तत्काल इलाके में एक व्यापक तलाशी अभियान शुरू किया। 11 नवंबर की सुबह लगभग 10 बजे से शुरू हुई यह मुठभेड़ रुक-रुक कर दो दिनों तक जारी रही, जिसमें अंततः छह प्रमुख नक्सलियों को मार गिराने में सफलता मिली।
डीवीसीएम उर्मिला पति पापाराव (इनाम 8 लाख रुपये)
यह चिंतलनार, जिला सुकमा की निवासी थी और प्रतिबंधित भाकपा माओवादी संगठन के शीर्ष नेता पापाराव की पत्नी थी। वह पामेड़ एरिया कमेटी की सचिव के तौर पर काम कर रही थी और पीएलजीए बटालियन की रसद व्यवस्था की जिम्मेदारी संभालती थी। उसकी मौत से पामेड़ एरिया कमेटी और पीएलजीए बटालियन की सप्लाई चेन को बड़ा झटका लगा है।
