नई दिल्ली, न्यूज़ डेस्क : Bihar Election Results News : बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के नतीजों ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि लोकतंत्र में हर वोट की कीमत होती है। कुल 243 सीटों पर चले लंबे-चौड़े मुकाबले में ज्यादातर जगहों पर स्पष्ट बहुमत देखने को मिला, लेकिन कुछ सीटों पर तो फैसला महज कुछ दर्जन वोटों से तय हुआ। तीन सीटों पर हार-जीत का अंतर 100 वोटों से भी कम रहा।
संदेश, अगियांव और रामगढ़ ये तीन वो विधानसभाएं हैं, जिसका नाम न सिर्फ चुनावी इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गया, बल्कि भविष्य के चुनावों के लिए नेताओं को एक सबक भी मिल गया। इन तीनों सीटों पर 100 वोटों से कम के अंतर से हार-जीत हुई है।
भोजपुर जिले की संदेश विधानसभा सीट पर चले मुकाबले ने सबको हैरान कर दिया। यहां जनता दल (यूनाइटेड) के उम्मीदवार राधा चरण साह ने राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के प्रतिद्वंद्वी दीपू सिंह को महज 27 वोटों से मात दी। 28 राउंड की गिनती में राधा चरण साह को कुल 80,598 वोट मिले, जबकि उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी को 80,571 वोट ही हासिल हो सके। यह अंतर इतना बारीक था कि गिनती के अंतिम क्षणों में दोनों पक्षों के समर्थक सांस रोककर बैठे रहे।
अगियांव (SC) सीट: 95 वोटों की कांटे की टक्कर
अगियांव (अनुसूचित जाति) सीट पर भी चुनावी जंग बेहद रोमांचक रही। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के उम्मीदवार महेश पासवान ने कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) लिबरेशन के प्रतिद्वंद्वी शिव प्रकाश रंजन को महज 95 वोटों से हराया। 26वें राउंड तक महेश पासवान के खाते में 69,412 वोट जमा हो चुके थे, जबकि उनके विरोधी को 69,317 वोट मिले। यह सीट एससी आरक्षित होने के कारण दलित वोटबैंक का केंद्र रही, जहां विकास और आरक्षण नीतियों पर बहस छिड़ी हुई थी
रामगढ़ सीट : 30 वोटों से उलटफेर
बिहार विधानसभा चुनाव में मायावती की बहुजन समाज पार्टी (BSP) को मात्र एक सीट मिली है और यहां ऐसा मुकाबला हुआ कि इतिहास बन गया। रामगढ़ सीट पर बीएसपी के सतीश कुमार सिंह यादव ने BJP के अशोक कुमार सिंह को महज 30 वोटों से पछाड़ दिया। सतीश कुमार को 72,689 वोट मिले, जबकि बीजेपी उम्मीदवार को 72,659 वोट ही हासिल हो सके। यह जीत बीएसपी के लिए बिहार में नई उम्मीद की किरण है।
ये तीनों सीटें संदेश, अगियांव (SC) और रामगढ़ बिहार चुनाव 2025 की बारीकियां बयां करती हैं। कुल तीन ऐसे मुकाबले जहां 100 वोटों से कम का अंतर रहा, वे बताते हैं कि ग्रामीण बिहार में हर गांव, हर बूथ का महत्व कितना है। NDA ने दो सीटें जीतीं, जबकि बीएसपी को एक में सफलता मिली।
