नई दिल्ली, डिजिटल डेस्क : उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन आज रविवार को हरियाणा के कुरुक्षेत्र स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एनआईटी) में छात्रों को संबोधित करेंगे। वे इंजीनियरिंग ग्रेजुएट्स को राष्ट्र निर्माण से जुड़ी अपनी विचारधारा और ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य को हासिल करने में युवाओं की भूमिका के बारे में बताएंगे। एनआईटी कुरुक्षेत्र के 20वें कॉन्वोकेशन में वे मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल होंगे।
अपने दौरे के दौरान उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन इंटरनेशनल गीता महोत्सव के साथ आयोजित अखिल भारतीय देवस्थानम सम्मेलन में भी मुख्य अतिथि के रूप में भाग लेंगे। यह सम्मेलन आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विषयों पर केंद्रित होता है और इसमें देशभर से आए प्रतिनिधि हिस्सा लेते हैं।
इंटरनेशनल गीता महोत्सव पूरे उत्साह के साथ मनाया जा रहा है
कुरुक्षेत्र में इन दिनों इंटरनेशनल गीता महोत्सव पूरे उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। 25 नवंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी कुरुक्षेत्र पहुंचकर महोत्सव में हिस्सा लिया था और ‘महा आरती’ में शामिल हुए थे। इस महोत्सव का औपचारिक उद्घाटन रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने किया था। उद्घाटन के मौके पर गीता की पूजा और श्लोकों के जाप के साथ कार्यक्रम की शुरुआत हुई।
ब्रह्म सरोवर के आसपास पूरा माहौल आध्यात्मिक ऊर्जा से भरा हुआ है। पुरुषोत्तमपुरा बाग में वैदिक मंत्रों के बीच मेहमानों का स्वागत किया गया। देश के विभिन्न राज्यों से आए लोक कलाकारों ने पारंपरिक वेशभूषा में मेहमानों का स्वागत करते हुए कुरुक्षेत्र की पवित्र धरती पर आने का जश्न मनाया। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने उद्घाटन समारोह के लिए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का स्वागत किया। गीता यज्ञ में आखिरी आहुति देने के बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पवित्र भगवद गीता की पूजा की और लोगों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि कुरुक्षेत्र आध्यात्मिकता, संस्कृति, ज्ञान और कला का अनोखा संगम है।
उन्होंने याद दिलाया कि केंद्र और राज्य सरकारों के प्रयासों से गीता जयंती को इंटरनेशनल गीता महोत्सव के रूप में पहचान मिली है। उन्होंने यह भी कहा कि सरस्वती नदी के किनारे ही वेद, उपनिषद और पुराण लिखे गए थे। कुरुक्षेत्र में आयोजित यह महोत्सव भारत की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत को दुनिया के सामने पेश करने का एक महत्वपूर्ण माध्यम बन गया है।
