नई दिल्ली, न्यूज़ डेस्क : आधुनिक युद्ध के बदलते स्वरूप को देखते हुए भारतीय सेना ने एक बड़ी रणनीतिक छलांग लगाई है। सेना ने अपने बेड़े में 1 लाख से अधिक ड्रोन ऑपरेटर्स का एक विशाल पूल तैयार किया है। इस विशेष दस्ते में सेना की नवनिर्मित स्पेशल फोर्स ‘भैरव’ भी शामिल है, जो अत्याधुनिक तकनीक और घातक मारक क्षमता से लैस है।
दुश्मन के ठिकानों पर अब ‘आसमानी’ नजर
इन एक लाख से ज्यादा जवानों को न केवल ड्रोन उड़ाने, बल्कि वास्तविक युद्ध की स्थितियों में दुश्मन के ठिकानों, उनकी मूवमेंट और फॉर्मेशन्स को सटीक तरीके से टारगेट करने की कड़ी ट्रेनिंग दी गई है। यह कदम आज के ‘हाइब्रिड’ युद्ध की चुनौतियों को देखते हुए उठाया गया है, जहां तकनीक और इंटेलिजेंस जीत का मुख्य आधार हैं।
कौन है नई ‘भैरव’ स्पेशल फोर्स ?
सेना के पुनर्गठन के तहत बनाई गई भैरव बटालियन इस आधुनिक बदलाव का चेहरा है। ये यूनिट्स पारंपरिक युद्ध शैली से हटकर नई सोच और ऑपरेशनल जरूरतों के हिसाब से तैयार की गई हैं।
2 भैरव बटालियन के कमांडिंग ऑफिसर ने इस मिशन की अहमियत बताते हुए कहा, ‘आज के दौर में युद्ध की प्रकृति बहुत तेजी से बदल रही है। चुनौतियां अब हाइब्रिड हो चुकी हैं। इनसे निपटने के लिए हमें आधुनिक टेक्नोलॉजी से पूरी तरह लैस होना होगा। भैरव बटालियन को इसी नई सोच और भविष्य की युद्ध जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाया गया है।’
