नोएडा, संवाददाता : ग्रेटर नोएडा में सिस्टम की लापरवाही के चलते 27 साल के सॉफ्टवेयर इंजीनियर की भयावह मौत मामले में पुलिस ने पहली एफआईआर दर्ज कर ली है। मृतक युवराज के पिता की तहरीर पर यह एफआईआर दर्ज हुई है। बता दें कि 16 जनवरी की रात को सेक्टर 150 के नजदीक सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की कार ड्रेनेज की बाउंड्री से टकराकर 30 फीट गड्ढे में गिर गई, जिससे उसकी मौत हो गई। इस घटना से खराब सड़क सुरक्षा उपायों को लेकर स्थानीय लोगों में गुस्सा है।
बता दें कि मामले में जिस जमीन पर हादसा हुआ, उसके मालिक दो बिल्डरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। ग्रेटर नोएडा के सहायक पुलिस आयुक्त हेमंत उपाध्याय ने एफआईआर के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मृतक के पिता की शिकायत पर नॉलेज पार्क पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 105 (गैर इरादतन हत्या), 106 (लापरवाही से मृत्यु का कारण बनना) और 125 (जीवन को खतरे में डालने वाला कृत्य) के तहत प्लॉट के मालिक दो बिल्डरों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
इसके अलावा, युवराज मेहता के परिवार की शिकायत में आरोप लगाया गया है कि अधिकारियों ने न तो रिफ्लेक्टर लगाए थे और न ही सर्विस रोड के किनारे नालियों को ढका था। मृतक के पिता राजकुमार मेहता ने कहा कि घने कोहरे के बीच सुरक्षा उपायों की कमी के कारण उनके बेटे की मौत हुई।
घटना और बचाव अभियान के बारे में भी बताया
घटना और राहत बचाव अभियान के बारे में भी हेमंत उपाध्याय ने जानकारी दी। उन्होंने बताया कि युवराज को बचाने के लिए पुलिस ने हर मुमकिन कोशिश की, लेकिन पानी की गहराई, अंधेरा और घना कोहरा होने के कारण बचाव कार्य मुश्किल हो गया। हेमंत उपाध्याय ने कहा कि हमें डर था कि अगर कोई उसे बचाने के लिए पानी में उतरता तो और भी जानमाल का नुकसान हो सकता था। हमारे लिए स्थिति और भी बदतर हो सकती थी। वहीं, नॉलेज पार्क पुलिस स्टेशन के इंचार्ज सर्वेश कुमार ने कहा कि जांच के दौरान पाई गई किसी भी लापरवाही पर कार्रवाई की जाएगी और जहां जरूरी होगा, कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
70 फुट गहरे गड्ढे में जा गिरी कार
अधिकारियों के अनुसार, घने कोहरे और सड़क पर रिफ्लेक्टर न होने के कारण उसकी कार दो ड्रेनेज बेसिन को अलग करने वाली ऊंची जगह से टकरा गई। इसके बाद गाड़ी पानी से भरे 70 फुट गहरे गड्ढे में गिर गई। चश्मदीदों ने बताया कि जैसे ही कार पानी में डूबी, युवराज ने मदद के लिए आवाज दी। बचाव कार्य तुरंत शुरू हो गया, स्थानीय पुलिस, गोताखोर और एनडीआरएफ की टीमें मौके पर पहुंचीं। युवराज के पिता राजकुमार मेहता भी ऑपरेशन के दौरान मौजूद थे। लगभग पांच घंटे बाद, टीम मेहता और उनकी कार को खाई से बाहर निकालने में कामयाब रही, लेकिन उन्हें मौके पर ही मृत घोषित कर दिया गया।
