नई दिल्ली, संवाददाता : गणतंत्र दिवस परेड में इस वर्ष भारतीय सशस्त्र बलों की त्रि-सेवा झांकी भी आकर्षण का केंद्र रहेगी। कर्तव्य पथ पर भारतीय सशस्त्र बलों की झांकी ‘ऑपरेशन सिंदूर: जॉइंटनेस के माध्यम से विजय’ को दर्शाएगी। यह झांकी भारत की विकसित होती सैन्य सोच का सशक्त और प्रभावी प्रदर्शन है।
इसमें बताया गया है कि सटीक हमला, तीनों सेनाओं का तालमेल और स्वदेशी ताकत जीत का सबसे अहम आधार हैं। यह इस बात का ठोस संदेश है कि अब भारत निर्णायक, संयुक्त और आत्मनिर्भर सैन्य शक्ति के दौर में पूरी मजबूती से खड़ा है। गौरतलब है कि भारतीय सेनाओं ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत बीते साल पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में कुल नौ आतंकी ठिकानों को नष्ट किया था। ऑपरेशन सिंदूर आत्मनिर्भर भारत की बढ़ती ताकत को भी दर्शाता है।
झांकी में थलसेना, नौसेना और वायुसेना के बीच बेहतरीन तालमेल को क्रमवार और प्रभावशाली तरीके से दिखाया गया है। झांकी की शुरुआत भारतीय नौसेना के दमखम से होती है। यह समुद्र में नौसेना के दबदबे को दिखाता है और बताता है कि दुश्मन को किसी भी तरह की हरकत की कोई गुंजाइश नहीं है। इसके बाद भारतीय थलसेना का सख्त और निर्णायक रूप सामने आता है। यहां एम-777 अल्ट्रा-लाइट हॉवित्जर की सटीक गोलाबारी से दुश्मन के मंसूबों को नाकाम किया जाता है। इनके पीछे आकाश वायु रक्षा प्रणाली मौजूद है, जो देश की मजबूत और बहु-स्तरीय वायु सुरक्षा का प्रतीक है।
