नई दिल्ली, न्यूज़ डेस्क : वरिष्ठ पत्रकार और प्रसिद्ध लेखक मार्क टली का रविवार को दिल्ली के एक निजी अस्पताल में निधन हो गया। वे 90 वर्ष के थे। उनके निधन की पुष्टि FCC South Asia and IAPC ने की। मार्क टली पिछले कुछ समय से अस्वस्थ थे और बीते एक सप्ताह से साकेत स्थित मैक्स अस्पताल में भर्ती थे, जहां रविवार दोपहर उन्होंने अंतिम सांस ली।
वरिष्ठ पत्रकार मार्क टली का निधन
FCC South Asia and IAPC ने उनके निधन पर कहा- “बहुत दुख और गहरे शोक के साथ, हम आपको हमारे संस्थापक सदस्य, मार्क टली के निधन की सूचना दे रहे हैं, जिनका आज, 25 जनवरी 2025 को निधन हो गया। हम मार्क टली के निधन पर शोक व्यक्त करते हैं – जो रेडियो पत्रकारिता के एक सच्चे दिग्गज और FCC साउथ एशिया के संस्थापक स्तंभ थे। पच्चीस साल से भी ज्यादा समय तक, उनकी आवाज भारत में सबसे भरोसेमंद और पहचानी जाने वाली आवाजों में से एक थी, जिसने लाखों लोगों को उन पलों में मार्गदर्शन दिया जिन्होंने देश के आधुनिक इतिहास को आकार दिया। BBC के लिए उनकी रिपोर्टिंग दुर्लभ ईमानदारी, असाधारण गहराई और सच्चाई के प्रति अटूट प्रतिबद्धता के लिए जानी जाती थी।
मार्क टली का कोलकाता में हुआ था जन्म
24 अक्टूबर 1935 को तत्कालीन कलकत्ता (अब कोलकाता) में जन्मे मार्क टली ने पत्रकारिता की दुनिया में एक विशिष्ट पहचान बनाई। उन्होंने भारत को न सिर्फ करीब से देखा, बल्कि उसे समझा और दुनिया के सामने बेहद संवेदनशील और संतुलित नजरिए से प्रस्तुत किया। वे करीब 22 वर्षों तक बीबीसी के नई दिल्ली ब्यूरो प्रमुख रहे और इस दौरान भारत की राजनीति, समाज और संस्कृति पर उनकी रिपोर्टिंग को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया।
कई किताबों के लेखक
पत्रकार होने के साथ-साथ मार्क टली एक प्रख्यात लेखक भी थे। भारत पर आधारित उनकी किताबें आज भी संदर्भ ग्रंथ मानी जाती हैं। ‘नो फुल स्टॉप्स इन इंडिया’, ‘इंडिया इन स्लो मोशन’ और ‘द हार्ट ऑफ इंडिया’ जैसी रचनाओं के जरिए उन्होंने भारतीय समाज की जटिलताओं, विरोधाभासों और आत्मा को बेहद सहज भाषा में दुनिया के सामने रखा।
मार्क टली को पद्म भूषण से किया गया था सम्मानित
इसके अलावा वे बीबीसी रेडियो-4 के लोकप्रिय कार्यक्रम ‘समथिंग अंडरस्टूड’ के प्रस्तोता भी रहे। उनके योगदान को देखते हुए उन्हें वर्ष 2002 में ब्रिटेन की ओर से ‘नाइट’ की उपाधि प्रदान की गई, जबकि भारत सरकार ने उन्हें 2005 में पद्म भूषण से सम्मानित किया। मार्क टली का निधन पत्रकारिता और साहित्य जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति है। भारत के प्रति उनकी गहरी समझ, निष्पक्ष दृष्टि और मानवीय संवेदनाएं उन्हें हमेशा एक विशिष्ट पत्रकार और लेखक के रूप में यादगार बनाए रखेंगी।
