नई दिल्ली, संवाददाता : मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के दूरदर्शी नेतृत्व में दिल्ली सरकार की कैबिनेट ने दिल्ली खाद्य सुरक्षा नियम, 2025 को मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही राजधानी में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 की धारा 40 के तहत लंबे समय से लंबित वैधानिक जिम्मेदारी पूरी हो गई है। यह फैसला सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) को अधिक पारदर्शी, न्यायपूर्ण और जरूरतमंद-केंद्रित बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने इसे “दिल्ली के गरीब और वंचित परिवारों के लिए ऐतिहासिक सुधार” बताया। उन्होंने कहा कि वर्षों से पीडीएस में व्याप्त खामियों के कारण कई वास्तविक जरूरतमंद परिवार राशन से वंचित रह जाते थे, जिसे दूर करने के लिए यह नया नियम फ्रेमवर्क लाया गया है।
वार्षिक पारिवारिक आय सीमा ₹1 लाख से बढ़ाकर ₹1.20 लाख कर दी
प्राथमिकता वाले परिवारों (प्रायोरिटी हाउसहोल्ड) के लिए वार्षिक पारिवारिक आय सीमा ₹1 लाख से बढ़ाकर ₹1.20 लाख कर दी गई है। यह पात्रता राजस्व विभाग द्वारा प्रमाणित आय प्रमाण-पत्र के आधार पर तय की जाएगी, ताकि अधिक जरूरतमंद परिवार राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के दायरे में आ सकें।
सब्सिडी के दुरुपयोग को रोकने के लिए स्पष्ट और सख्त नियम तय किए गए हैं। आयकर दाता, सरकारी कर्मचारी, एक से अधिक चार पहिया वाहन रखने वाले, अधिक बिजली खपत करने वाले तथा निर्धारित क्षेत्रों में संपत्ति रखने वाले परिवारों को योजना से बाहर रखा जाएगा। इससे यह सुनिश्चित होगा कि सरकारी सहायता का लाभ सही लाभार्थियों तक पहुंचे।
नियमों के तहत प्रत्येक जिले में जिलाधिकारी (डीएम) की अध्यक्षता में समितियां गठित की जाएंगी, जिनमें निर्वाचित जनप्रतिनिधि भी शामिल होंगे। ये समितियां पात्रता की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच सुनिश्चित करेंगी। मंत्री ने कहा, “अब ‘पहले आओ-पहले पाओ’ की व्यवस्था खत्म होगी और वास्तव में जरूरतमंद परिवारों को उनका हक मिलेगा।”
महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक अहम फैसले के तहत परिवार की सबसे वरिष्ठ वयस्क महिला को परिवार का मुखिया माना जाएगा। सिरसा ने कहा कि यह प्रावधान महिलाओं की भूमिका को मजबूत करने और सामाजिक संतुलन को बढ़ावा देने वाला है।
पीडीएस को जवाबदेह बनाने के लिए फेयर प्राइस शॉप
पीडीएस को जवाबदेह बनाने के लिए फेयर प्राइस शॉप, जिला और राज्य स्तर पर तीन-स्तरीय, समयबद्ध शिकायत निवारण प्रणाली लागू की गई है। इसके साथ ही सामाजिक ऑडिट, सार्वजनिक सूचना व्यवस्था और एफपीएस, सर्किल, जिला व राज्य स्तर की निगरानी समितियों को और सशक्त किया जाएगा। मंत्री ने स्पष्ट किया कि अब शिकायतें लंबित नहीं रहेंगी और हर स्तर पर जवाबदेही तय होगी।
नई व्यवस्था में तकनीक आधारित सुधारों के जरिए पारदर्शिता और विश्वास को मजबूत किया जाएगा। ये सुधार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास” के संकल्प के अनुरूप हैं।
मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा, “मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता जी के नेतृत्व में हम दिल्ली के हर नागरिक के लिए एक समान, न्यायपूर्ण और भरोसेमंद खाद्य सुरक्षा व्यवस्था बना रहे हैं। यह नियम केवल नीति नहीं, बल्कि दिल्ली की महिलाओं, बच्चों और जरूरतमंद परिवारों के लिए एक मजबूत भरोसा है।” खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने सभी पात्र परिवारों से अपील की है कि वे निर्धारित पोर्टल के माध्यम से आवेदन करें। योजना का क्रियान्वयन जिला-वार किया जाएगा, ताकि लाभ जल्द से जल्द पात्र परिवारों तक पहुंच सके।
