मऊ, संवाददाता : ब्रिजिंग रिसर्च एंड एप्लिकेशन्स (PMPD-2026)” विषय पर आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन एवं IPS मिड-ईस्टर्न ज़ोनल मीट का भव्य आयोजन 28–29 जनवरी 2026 को आईसीएआर–राष्ट्रीय कृषि उपयोगी सूक्ष्मजीव ब्यूरो (NBAIM), मऊ में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। सम्मेलन में देशभर से आए वैज्ञानिकों, शोधार्थियों, विद्यार्थियों, किसानों, कृषि विज्ञान केंद्रों तथा कृषि-आधारित उद्योगों की उल्लेखनीय सहभागिता रही।
सम्मेलन का उद्घाटन सत्र मुख्य अतिथि डॉ. एस. सी. दुबे, कुलपति, बिरसा कृषि विश्वविद्यालय, रांची की गरिमामयी उपस्थिति में संपन्न हुआ। इस अवसर पर पादप रोग विज्ञान एवं सूक्ष्मजीव अनुसंधान के क्षेत्र की कई प्रतिष्ठित हस्तियाँ मंचासीन रहीं, जिनमें डॉ. एन. के. दुबे, डॉ. पी. के. चक्रवर्ती, डॉ. आर. विश्वनाथन, डॉ. एच. बी. सिंह, डॉ. दिनेश सिंह, डॉ. आलोक के. श्रीवास्तव एवं डॉ. ए. आनंदन प्रमुख रहे। वक्ताओं ने उभरते पादप रोगजनकों, माइक्रोबियल तकनीकों तथा सतत कृषि में उनके व्यावहारिक उपयोग पर विचार साझा किए।

डॉ. एच. वी. सिंह एवं डॉ. अभिजीत शंकर कश्यप के नेतृत्व में आयोजित इस सम्मेलन में लीड टॉक्स, प्लेनरी व्याख्यान, आमंत्रित वक्तव्य, मौखिक एवं पोस्टर प्रस्तुतियाँ ऑफ़लाइन व ऑनलाइन माध्यमों से आयोजित की गईं। जीनोमिक्स, मेटाजीनोमिक्स, पादप-सूक्ष्मजीव अंतःक्रिया, ट्रांसलेशनल रिसर्च तथा नीति व विस्तार से जुड़े विषयों पर गहन मंथन हुआ। इस अवसर पर PMPD-2026 की शोध-सार पुस्तिका का भी प्रकाशन किया गया। सम्मेलन ने शोध, उद्योग, विस्तार एजेंसियों और किसानों के बीच सहयोग को सशक्त कर टिकाऊ एवं पर्यावरण-अनुकूल कृषि की दिशा में एक ठोस कदम प्रस्तुत किया।
