रिपब्लिक समाचार, डिजिटल डेस्क : गोहाना की प्रसिद्ध जलेबी की मिठास के बीच फरीदाबाद के सूरजकुंड में 39वें सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय आत्मनिर्भर शिल्प महोत्सव की शुरुआत हो गई। उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने रविवार को ‘लोकल से ग्लोबल- आत्मनिर्भर भारत’ थीम पर आधारित इस महोत्सव का उद्घाटन किया। इस अवसर पर हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और विरासत एवं पर्यटन मंत्री अरविंद कुमार शर्मा भी मौजूद रहे।
उपराष्ट्रपति का स्वागत, दीप प्रज्वलन के साथ हुआ शुभारंभ
उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन के सूरजकुंड पहुंचने पर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने उनका स्वागत किया। इसके बाद उपराष्ट्रपति ने दीप प्रज्वलित कर महोत्सव का औपचारिक उद्घाटन किया। इस मौके पर सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय शिल्प मेला आधारित एक मोबाइल ऐप भी लॉन्च किया गया। कार्यक्रम के दौरान मंच पर उपस्थित अतिथियों को गोहाना की जलेबी खिलाकर स्वागत किया गया।
लोक कलाकारों की प्रस्तुतियों से सजा उद्घाटन समारोह
महोत्सव के उद्घाटन के बाद राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के प्रसिद्ध लोक कलाकारों और सांस्कृतिक समूहों ने रंगारंग प्रस्तुतियां दीं। यह शिल्प मेला 15 फरवरी तक चलेगा। आयोजन हरियाणा पर्यटन निगम के साथ केंद्रीय पर्यटन, वस्त्र, संस्कृति और विदेश मंत्रालयों के सहयोग से किया जा रहा है।
सीएम नायब सैनी बोले- कला और शिल्प का महाकुंभ है सूरजकुंड मेला
उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि सूरजकुंड मेला कला और शिल्प का ऐसा महाकुंभ है, जिसकी पहचान न सिर्फ भारत बल्कि पूरी दुनिया में है। उन्होंने कहा कि यह मेला हमारी प्राचीन विरासत और आधुनिकता का अनूठा संगम है।
‘लोकल टू ग्लोबल’ थीम पीएम मोदी के विजन का प्रतिबिंब
मुख्यमंत्री ने कहा कि 39वें सूरजकुंड मेले की थीम ‘लोकल टू ग्लोबल’ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस विजन को दर्शाती है, जिसके तहत देश के हर कोने में मौजूद हुनरमंद हाथों को वैश्विक बाजार से जोड़ा जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि आत्मनिर्भरता केवल आर्थिक स्वतंत्रता नहीं, बल्कि अपनी संस्कृति, विरासत और परंपराओं पर गर्व करने का भाव भी है।
