Union Budget 2026-27 : प्रत्यक्ष कर में सुधारों द्वारा जीवन जीने की सरलता

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रिपब्लिक समाचार, न्यूज़ डेस्क : केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को संसद में केंद्रीय बजट 2026-27 पेश करते हुए कहा कि करदाताओं के लिए जीवन जीने की सुगमता सुनिश्चित करने हेतु प्रत्यक्ष करों पर अनेक प्रस्ताव किए गए हैं।

जीवन जीने की सुगमता

वित्त मंत्री ने कहा,” बजट में प्रस्ताव है कि मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण द्वारा किसी भी व्यक्ति को दिया गया कोई भी ब्याज इनकम टैक्स से मुक्त होगा, और इस पर कोई TDS नहीं लगेगा। इसमें ओवरसीज टूर प्रोग्राम पैकेज की बिक्री पर TCS दर को मौजूदा 5 प्रतिशत और 20 प्रतिशत से घटाकर 2 प्रतिशत करने का प्रस्ताव है, जिसमें राशि की कोई शर्त नहीं होगी।”

वित्त मंत्री ने कहा कि शिक्षा प्राप्त करने और चिकित्सा उद्देश्यों के लिए उदारीकृत धनप्रेशन योजना (Liberalized Remittance Scheme (LRS) के अंतर्गत टीसीएस दर को 5 प्रतिशत से कम करके 2 प्रतिशत करने का प्रस्ताव किया गया है। उन्होंने कहा कि कार्यबल सेवाओं की आपूर्ति को टीडीएस के प्रयोजनार्थ विशिष्ट रूप से संविदाकारों को भुगतान के दायरे में लाने का प्रस्ताव है, ताकि अस्पष्टता से बचा जा सके। इस प्रकार इन सेवाओं पर टीडीएस की दर 1 प्रतिशत अथवा 2 प्रतिशत मात्र होगी।

करदाताओं के लिए आसानी

वित्त मंत्री ने आगे कहा कि छोटे टैक्सपेयर्स के लिए एक स्कीम का प्रस्ताव है, जिसमें एक नियम-आधारित ऑटोमेटेड प्रोसेस से असेसिंग ऑफिसर के पास एप्लीकेशन फाइल करने के बजाय कम या शून्य डिडक्शन सर्टिफिकेट मिल सकेगा। उन्होंने कहा कि अलग-अलग कंपनियों में प्रतिभूतियां धारित करने वाले करदाताओं की सुविधा के लिए डिपोजिट्री, निवेशक के प्रपत्र 15जी अथवा प्रपत्र 15एच स्वीकार करने तथा इसे सीधे विभिन्न संबद्ध कंपनियों को उपलब्ध कराने का प्रस्ताव किया गया है। एक सांकेतिक शुल्क के भुगतान पर विवरणियों को संशोधित करने के लिए उपलब्ध समय को 31 दिसंबर से 31 मार्च तक बढ़ाने का प्रस्ताव किया गया है।

आरामदायक टैक्स रिटर्न समय-सीमा

सीतारमण ने कहा कि बजट में टैक्स रिटर्न फाइल करने की समय-सीमा को अलग-अलग करने का प्रस्ताव है। ITR 1 और ITR 2 रिटर्न वाले लोग 31 जुलाई तक फाइल करते रहेंगे और नॉन-ऑडिट बिज़नेस केस या ट्रस्ट को 31 अगस्त तक का समय देने का प्रस्ताव है। उन्होंने कहा कि किसी नॉन-रेजिडेंट द्वारा अचल संपत्ति की बिक्री पर TDS, TAN की ज़रूरत के बजाय रेजिडेंट खरीदार के PAN आधारित चालान के ज़रिए काटा और जमा किया जाएगा।

छोटे करदाताओं पर विशेष ध्यान

संसद में बजट पेश करते हुए वित्तमंत्री ने कहा कि छात्रों, युवा पेशेवरों, तकनीकी कर्मचारियों, अन्यत्र चले गए अनिवासी भारतीयों और ऐसे अन्य छोटे करदाताओं की व्यवहारिक समस्याओं को दूर करने के लिए, इन करदाताओं के लिए एक निश्चित आकार के नीचे आय अथवा परिसंपत्ति को प्रकट करने के लिए 6 माह की विदेशी परिसंपत्ति प्रकटीकरण योजना शुरू करने का प्रस्ताव किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कर योजना करदाताओं की दो श्रेणियों पर लागू होगा :

(ए) जिन्होंने अपनी विदेशी आय या परिसंपत्ति प्रकट नहीं की है, और

(बी) जिन्होंने अपनी विदेशी आय प्रकट की है और/या देयकर का भुगतान किया है, किंतु अपेक्षित परिसंपत्ति की घोषणा नहीं कर सके हैं।

उन्होंने कहा कि श्रेणी-ए के लिए अप्रकट आय/परिसंपत्ति की सीमा 1 करोड़ रुपए तक करने का प्रस्ताव है। उन्हें कर के रूप में परिसंपत्ति के उचित बाजार मूल्य का 30 प्रतिशत या अप्रकट आय का 30 प्रतिशत और दंड के स्थान पर अतिरिक्त आयकर के रूप में 30 प्रतिशत का भुगतान करना होगा एवं इससे अभियोजन से उन्मुक्ति होगी।

वित्त मंत्री ने कहा कि श्रेणी-बी के लिए परिसंपत्ति मूल्य 5 करोड़ रुपए तक करने का प्रस्ताव है। इसमें एक लाख रुपए के शुल्क के भुगतान पर दंड और अभियोजन दोनों से उन्मुक्ति होगी।

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