गरियाबंद, संवाददाता : छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले के दुतकैया गांव का माहौल इस समय बेहद तनावपूर्ण है। पिछले साल शिव मंदिर तोड़ने के आरोप में जेल में बंद आरिफ और उसके दो साथी सलीम और इमरान ने जमानत पर छूटने पर गांव में खूब हंगामा मचाया और हिंदू शिकायतकर्ताओं तथा गवाहों के साथ बेरहमी से मारपीट भी की। इस घटना से गांव में कर्फ्यू की स्थिति है और पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क मोड पर है।
घटना के बाद गांव में 11 घरों और कई गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया गया। हालात को काबू में रखने के लिए पूरे क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। हिंसा के दौरान भीड़ ने पुलिस टीम पर भी पत्थर फेंके। इस हमले में छह पुलिसकर्मी घायल हुए हैं।
आरिफ और उसके दोनों साथी दोबारा गिरफ्तार
गरियाबंद पुलिस अधीक्षक वेदव्रत सिरमौर ने जानकारी दी कि आरिफ और उसके दोनों साथियों को दोबारा गिरफ्तार कर लिया गया है। इन पर ग्रामीणों से मारपीट, चाकू से हमला करने और शांति भंग करने जैसे गंभीर आरोप दर्ज किए गए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए रायपुर आईजी और गरियाबंद एसपी स्वयं जांच की निगरानी कर रहे हैं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, सरकारी कार्य में बाधा डालने और हिंसा फैलाने की धाराओं में भी प्राथमिकी दर्ज की गई है।
गौरतलब है कि पिछले साल शिव मंदिर को नुकसान पहुंचाने के आरोप में आरिफ, सलीम और इमरान को जेल भेजा गया था। रविवार को जमानत पर रिहा होने के बाद इन तीनों ने गांव लौटते ही उत्पात मचाया। केस में गवाही देने वाले हिंदू ग्रामीणों को आरोपी मुल्ले लगातार धमका रहे थे। रविवार दोपहर करीब दो बजे जमानत पर छूटे इन आरोपियों ने हिंदू युवकों पर रॉड और पत्थरों से हमला भी किया, जिसके बाद हालात और बिगड़ गए।
घटना की सूचना मिलते ही राजनांदगांव, धमतरी और महासमुंद से अतिरिक्त पुलिस बल मौके पर पहुंचा। हालात को नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज भी किया गया। आईजी के मौके पर पहुंचने के बाद स्थिति कुछ हद तक शांत हुई, हालांकि तनाव अब भी बना हुआ है।
