रिपब्लिक समाचार, डिजिटल डेस्क : Trade Deal : 2 फरवरी 2026 को भारत और अमेरिका के बीच हुए ट्रेड डील के बाद कृषि और डेयरी सेक्टर को लेकर उठ रहे सवालों पर मोदी सरकार ने विराम लगा दिया है। सरकार का कहना है कि इस ट्रेड डील में किसानों के हितों से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। सरकार ने साफ कहा है कि कृषि और डेयरी सेक्टर्स की सुरक्षा पहले की तरह आगे भी बनी रहेगी।
जानकारी के मुताबिक भारत सरकार ने अमेरिका के सामने कृषि और डेयरी सेक्टर्स को लेकर अपनी बात साफ तौर पर रखी है। कृषि और डेयरी से जुड़े भारतीय हित पहले भी सुरक्षित थे और भविष्य में भी इन्हें छेड़ा नहीं जाएगा। सरकार ने साफ कर दिया है कि किसानों के हित सर्वोपरि रहेंगे।
वेनेजुएला से कच्चा तेल खरीदने को लेकर भी सरकार ने अपना रुख साफ किया
वहीं, वेनेजुएला से कच्चा तेल खरीदने को लेकर भी सरकार ने अपना रुख साफ किया है। भारत वैश्विक बाजार से तेल की खरीद पूरी तरह कीमत और उपलब्धता के आधार पर करता है। जब वेनेजुएला पर अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध थे, तब भारत ने वहां से तेल नहीं खरीदा था। अब प्रतिबंध हट चुके हैं, इसलिए भारत वहां से तेल आयात कर सकता है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत के 500 अरब डॉलर के अमेरिकी आयात के दावे पर भी सरकार ने प्रतिक्रिया दी है। सूत्रों के अनुसार, यह आंकड़ा संभावित निवेश और बड़े सौदों को ध्यान में रखकर बताया गया है। वर्तमान में भारत अमेरिका से करीब 40 से 50 अरब डॉलर का आयात करता है और उतना ही निवेश भी करता है। विमान और अन्य बड़े रक्षा व औद्योगिक सौदों से यह आंकड़ा आगे बढ़ सकता है।
इस ट्रेड डील को लेकर अमेरिका के कई वरिष्ठ नेताओं ने भारत की भूमिका की तारीफ की है। इसी क्रम में अमेरिकी कृषि सचिव ब्रूक रोलिंस का बयान भी सामने आया है, जिसमें उन्होंने इस समझौते को अमेरिकी कृषि क्षेत्र के लिए लाभकारी बताया है।
कृषि उत्पादों पर भारत का रुख एकदम साफ है। भारत-अमेरिका ट्रेड डील में कृषि और डेयरी सेक्टर पर कोई समझौता नहीं होगा। मोदी सरकार किसी भी कीमत पर किसानों के हितों से समझौता करने को तैयार नहीं है।
इस व्यापार समझौते के तहत भारतीय उत्पादों पर अमेरिकी टैरिफ 25 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया गया है। राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि यह समझौता तत्काल प्रभाव से लागू होगा। उन्होंने यह भी जोड़ा कि प्रधानमंत्री मोदी के प्रति मित्रता और सम्मान के चलते भारत-अमेरिका के बीच कम टैरिफ पर सहमति बनी है।
