रिपब्लिक समाचार, डिजिटल डेस्क : विश्व कैंसर दिवस के मौके पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि आयुष्मान आरोग्य मंदिर भारत में कैंसर के खिलाफ लड़ाई को मजबूत बना रहे हैं।
विश्व कैंसर दिवस हर साल 4 फरवरी को मनाया जाता है। इसका उद्देश्य कैंसर के बारे में जागरूकता बढ़ाना और इसके इलाज में हो रही प्रगति को सामने लाना है।
ICMR के राष्ट्रीय कैंसर रजिस्ट्रेशन के अनुमान के अनुसार, 2024 में भारत में 15.3 लाख से अधिक नए कैंसर मामले सामने आए, जबकि 8 से 8.7 लाख लोगों की मौत कैंसर के कारण हुई। वैश्विक स्तर पर 2022 में 2 करोड़ नए मामले और 97 लाख मौतें दर्ज की गईं।
कैंसर की शुरुआती पहचान और नियमित जांच बेहद जरूरी-JP Nadda
स्वास्थ्य मंत्री ने सोशल मीडिया मंच X पर कहा कि कैंसर की शुरुआती पहचान और नियमित जांच बेहद जरूरी है। उन्होंने बताया कि सरकार कैंसर से निपटने के लिए लगातार कदम उठा रही है।
उन्होंने यह भी कहा कि हाल ही में पेश किए गए केंद्रीय बजट में 17 कैंसर की दवाओं पर सीमा शुल्क हटा दिया गया है, जिससे इलाज सस्ता होगा और मरीजों को राहत मिलेगी।
जेपी नड्डा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में कैंसर देखभाल को मजबूत करने के लिए कई पहल शुरू की गई हैं। हर जिले में कैंसर डे-केयर यूनिट बनाई जा रही हैं और जरूरी दवाओं पर टैक्स हटाया गया है।
उन्होंने कहा कि आयुष्मान आरोग्य मंदिरों के जरिए बड़े स्तर पर जांच की जा रही है, जिससे कैंसर की जल्दी पहचान और समय पर इलाज संभव हो पा रहा है।
उन्होंने यह भी कहा कि विश्व कैंसर दिवस हमें यह याद दिलाता है कि कैंसर से बचाव, समय पर इलाज और मरीजों को सहयोग देना कितना जरूरी है।
कैंसर दवाओं पर टैक्स हटाए जाने का विशेषज्ञों ने स्वागत किया
कैंसर दवाओं पर टैक्स हटाए जाने का विशेषज्ञों ने स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र में बढ़ता निवेश मजबूत कैंसर इलाज प्रणाली में बदलना जरूरी है।
उत्तर प्रदेश के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अमित कुमार घोष ने कहा कि पहली बार केंद्रीय स्वास्थ्य बजट एक लाख करोड़ रुपये से ज्यादा हुआ है। इससे स्वास्थ्य को आर्थिक विकास और सामाजिक समानता से जोड़ा गया है।
उन्होंने बताया कि आयुष्मान भारत, जनसंख्या आधारित जांच, नए कैंसर संस्थान और प्रस्तावित डे-केयर केंद्रों का मकसद जल्दी पहचान, समय पर रेफरल और सस्ता इलाज सुनिश्चित करना है।
दिल्ली के एक अस्पताल के मेडिकल ऑन्कोलॉजी विभाग के अध्यक्ष श्याम अग्रवाल ने कहा कि कैंसर इलाज का भविष्य आधुनिक तकनीक पर आधारित होगा।
उन्होंने बताया कि आने वाले समय में डीएनए जांच के जरिए इलाज तय किया जाएगा और बहुत छोटे ट्यूमर की पहचान भी संभव होगी।
