वाराणसी , संवाददाता : Varanasi News: दालमंडी में ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के दाैरान व्यापारियों ने विरोध शुरू कर दिया। पुलिस ने दालमंडी व्यापार मंडल अध्यक्ष समेत छह लोगों को हिरासत में लिया है। उनसे पूछताछ की जा रही है।
दालमंडी में सोमवार को अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की गई। नगर निगम द्वारा चिह्नित किए गए 21 भवनों को बुलडोजर से तोड़ा गया। कार्रवाई के दौरान जब टीम पांचवें भवन संख्या सीके 40/71 को ध्वस्त करने पहुंची तो मकान की खिड़की से भवन स्वामी रहमत अली बोतल में भरा पेट्रोल नीचे टिन शेड पर छिड़कने लगा। पेट्रोल गली में खड़ी पुलिस टीम और अफसरों पर भी पड़ा। उसने पेट्रोल में आग लगा दी, जिससे टिन शेड पर तेज आग जलने लगी। बाजार में भगदड़ मच गई। रहमत आग लगाकर भाग गया।
सूचना पर पहुंची बाइक एंबुलेंस ने आग बुझाई। पुलिस ने वहां से उसके भाई नौशाद को हिरासत में ले लिया। इसके बाद विरोध कर रहे दालमंडी व्यापार मंडल अध्यक्ष फारुक समेत छह लोगों को हिरासत में लिया गया। इस दौरान पुलिस और व्यापारियों के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई।
दोपहर करीब 12 बजे चौक थाने से एसीपी दशाश्वमेध अतुल अंजान त्रिपाठी फोर्स के साथ कार्रवाई के लिए पहुंचे
दोपहर करीब 12 बजे चौक थाने से एसीपी दशाश्वमेध अतुल अंजान त्रिपाठी फोर्स के साथ कार्रवाई के लिए पहुंचे। उनके साथ प्रशासन के अधिकारी और पीडब्ल्यूडी की टीम भी थी। टीम ने नगर निगम के चिह्नित भवनों को तोड़ना शुरू किया तो व्यापारियों ने विरोध जताया और दावा किया कि भवन जर्जर नहीं हैं। कुछ लोगों ने 10 दिन की मोहलत मांगी, जिसे टीम ने यह कहते हुए खारिज कर दिया कि जर्जर भवन की नोटिस एक सप्ताह पहले ही चस्पा कर दी गई थी।
टीम की कार्रवाई जारी रही। चार मकान तोड़ने के बाद जैसे ही पांचवें मकान पर मजदूरों ने टिन शेड हटाना शुरू किया, छत की खिड़की से भवन स्वामी रहमत हाथ में कागज लेकर चिल्लाने लगा कि उसके पास कोर्ट का आदेश है और उसका मकान जर्जर नहीं है। टीम ने अनाउंस कर छत से हटने को कहा, लेकिन वह चिल्लाता रहा और हाथ में पकड़ी बोतल से नीचे टिन शेड और गली में पेट्रोल फेंकने लगा। इससे पहले कि पुलिस फोर्स, अधिकारी, मजदूर या वहां मौजूद लोग कुछ समझ पाते, उसने आग लगा दी और भाग गया। आग की तेज लपटें देख लोग भागने लगे।
